जेल के अंदर होने वाला यह फाइट क्लब सच में रोंगटे खड़े कर देने वाला है। इसका फॉरबिडन कैदी में दिखाया गया वो पल जब ब्लॉन्ड कैदी जमीन पर गिरती है और खून से सने हाथ दिखाई देते हैं, वो दिल दहला देता है। गार्ड का व्हिस्की पीते हुए मुस्कुराना बताता है कि यह सब उसके इशारे पर हो रहा है। सजा के नाम पर ये लोग जानलेवा खेल खेल रहे हैं, और हम बस तमाशबीन बनकर देख रहे हैं।
पायटन नाम का वो गार्ड सच में बहुत डरावना है। जब वो व्हिस्की का घूंट भरता है और कैदियों की लड़ाई देखकर मुस्कुराता है, तो लगता है जैसे वो शैतान हो। इसका फॉरबिडन कैदी के इस सीन में पावर डायनामिक्स साफ दिखता है। एक तरफ बेचारे कैदी मर रहे हैं और दूसरी तरफ गार्ड मजे से ड्रिंक कर रहा है। यह अन्याय आंखों में आंसू ला देता है, लेकिन कहानी बहुत गहरी है।
जब लगा कि कहानी जेल में ही खत्म हो जाएगी, तब सीन बदलता है एक बड़े ऑफिस में। जॉन ई वांस नाम का डायरेक्टर अखबार पढ़ रहा होता है और तभी एक सूट पहने शख्स आता है। इसका फॉरबिडन कैदी का यह मोड़ बहुत तेज है। लगता है जेल के पीछे कोई बड़ी साजिश चल रही है। वो शख्स गुस्से में टेबल पर झुककर बात करता है, जिससे साफ है कि मामला गंभीर है।
ऑफिस में अचानक पुलिस की एंट्री और डायरेक्टर की गिरफ्तारी देखकर हैरानी हुई। इसका फॉरबिडन कैदी में यह सीन बहुत तेजी से आता है। हथकड़ी लगाते वक्त डायरेक्टर का चेहरा देखने लायक था। वो शख्स जो अभी तक पावर में था, अब खुद गिरफ्तार हो रहा है। यह बदलाव बताता है कि कहानी में कितनी लेयर्स हैं। हर कोई किसी न किसी का कैदी है।
दो महिला कैदियों के बीच की यह लड़ाई सिर्फ मुक्केबाजी नहीं, जज्बातों की जंग है। जब छोटे बालों वाली लड़की दूसरी को पटकती है, तो आंखों में एक अलग ही चमक है। इसका फॉरबिडन कैदी में इन दोनों के बीच का टेंशन बहुत अच्छे से दिखाया गया है। क्या यह दुश्मनी है या कोई और रिश्ता? जब वो उसके पास झुकती है तो लगता है कुछ कहना चाहती है, पर माहौल ऐसा नहीं है।
वीडियो का वो क्लोज़-अप शॉट जहां जमीन पर खून से सने नाखून दिखाई देते हैं, वो सिनेमेटोग्राफी कमाल की है। इसका फॉरबिडन कैदी में ऐसे छोटे-छोटे डिटेल्स कहानी को भारी बना देते हैं। यह दर्द और मजबूरी का प्रतीक है। जब इंसान के पास बचने का कोई रास्ता न हो, तो नाखून भी हथियार बन जाते हैं। यह दृश्य मन पर गहरा असर छोड़ता है और कहानी की गंभीरता बताता है।
जेल के गंदे माहौल के बाद जब काले सूट वाला शख्स एंट्री लेता है, तो क्लास और पावर का अंतर साफ दिखता है। इसका फॉरबिडन कैदी में यह किरदार बहुत रहस्यमयी लग रहा है। वो डायरेक्टर के ऑफिस में बिना डरे घुसता है और हुक्म चलाता है। लगता है असली खेल जेल के बाहर चल रहा है। उसकी आंखों में जो गुस्सा है, वो बताता है कि वह बदला लेने आया है या किसी को बचाने।
जॉन ई वांस जो शुरू में अखबार पढ़कर कॉफी पी रहा था, उसकी बेबसी देखकर तरस आता है। इसका फॉरबिडन कैदी में पावर शिफ्ट बहुत तेजी से होता है। पुलिस वाले जब उसे घसीटकर ले जाते हैं, तो उसकी आंखों में सवाल हैं। क्या वह फंस गया है या सच में दोषी है? यह सस्पेंस बना रहता है। बड़े से बड़ा आदमी भी सिस्टम के आगे छोटा पड़ जाता है, यह डर हम सब को लगता है।
ऐसी कहानियां देखने के लिए नेटशॉर्ट ऐप सच में बेहतरीन है। इसका फॉरबिडन कैदी जैसे शो की क्वालिटी और एक्टिंग देखकर मजा आ गया। हर सीन में इतना टेंशन है कि सांस रुक जाए। जेल के अंधेरे कोनों से लेकर बड़े ऑफिस की चमक तक, सब कुछ रियल लगता है। अगर आप थ्रिलर पसंद करते हैं, तो यह सीरीज मिस नहीं करनी चाहिए। कहानी का हर मोड़ नया सरप्राइज देता है।
पूरे वीडियो में बदले की आग साफ दिखती है। चाहे वो जेल में लड़ने वाली कैदी हो या ऑफिस में घुसने वाला शख्स। इसका फॉरबिडन कैदी का मुख्य थीम यही लगता है। जब इंसान के साथ अन्याय होता है, तो वह कैसे प्रतिक्रिया देता है, यह देखना दिलचस्प है। गार्ड की क्रूरता और डायरेक्टर की गिरफ्तारी सब एक बड़े पैटर्न का हिस्सा लगते हैं। अंत कौन जीतेगा, यह जानने की उत्सुकता बढ़ती जा रही है।
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