इस दृश्य में सफेद बालों वाली रानी का प्रवेश इतना भव्य था कि सांस रुक गई। उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक थी जो बता रही थी कि वह कोई साधारण शासक नहीं है। जब उसने युवती का हाथ थामा, तो लगा जैसे कोई पुराना अनुष्ठान शुरू हो गया हो। रिजेक्टेड मेट का पीछा की कहानी में ऐसे मोड़ आते हैं जो दर्शक को बांधे रखते हैं। महल की सजावट और रोशनी का इस्तेमाल कमाल का था।
जब वह युवक और युवती उस चमकते हुए द्वार की ओर भागे, तो स्क्रीन पर एक अलग ही ऊर्जा थी। ऐसा लगा जैसे वे किसी दूसरी दुनिया में प्रवेश कर रहे हों। रानी के चेहरे पर जो शांति थी, वह सब कुछ जानने वाली लग रही थी। रिजेक्टेड मेट का पीछा के इस एपिसोड में विजुअल इफेक्ट्स ने दिल जीत लिया। भागते हुए कपड़ों की हवा में लहराना बहुत खूबसूरत लगा।
पात्रों के कपड़ों और आभूषणों पर इतना ध्यान दिया गया है कि हर फ्रेम एक पेंटिंग लगता है। युवती के हाथ में पहना कंगन और रानी की पोशाक में जड़ी मोतियों ने दृश्य को अमीर बना दिया। रिजेक्टेड मेट का पीछा में कॉस्ट्यूम डिजाइनर ने कमाल कर दिया है। जब रानी ने युवती से बात की, तो उनकी आवाज में एक मातृत्व और अधिकार दोनों था जो बहुत प्रभावशाली लगा।
कई बार बिना डायलॉग के सिर्फ आंखों से इतनी बातें कह दी गईं। युवती की आंखों में डर और उम्मीद दोनों साफ दिख रहे थे। रानी की झुर्रियों वाले चेहरे पर जो मुस्कान थी, वह रहस्यमयी लग रही थी। रिजेक्टेड मेट का पीछा के इस सीन में एक्टिंग बहुत नेचुरल थी। जब युवक ने पीछे मुड़कर देखा, तो उसके चेहरे पर चिंता साफ झलक रही थी जो कहानी को आगे बढ़ाती है।
महल के गुंबद से आती सूरज की किरणें और फिर अचानक खुलने वाला नीला द्वार, यह कंट्रास्ट बहुत शानदार था। रोशनी का इस्तेमाल करके डायरेक्टर ने माहौल को ड्रामेटिक बना दिया। रिजेक्टेड मेट का पीछा में ऐसे विजुअल्स देखकर लगता है कि बजट का सही इस्तेमाल हुआ है। जब वे दोनों द्वार में गए, तो स्क्रीन पर जो चमक फैली, वह आंखों को चुभने वाली थी पर सुंदर भी।
रानी ने जब युवती का हाथ पकड़ा, तो यह संकेत था कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। क्या यह आशीर्वाद था या कोई श्राप जो उन्हें उस द्वार में धकेल रहा था? रिजेक्टेड मेट का पीछा की कहानी में ऐसे सवाल हमेशा बने रहते हैं। रानी के चेहरे के भाव बदलते रहना और फिर अंत में शांत खड़ी हो जाना, यह सब बहुत गहराई से सोचा गया लगता है।
इस वीडियो में दिखाया गया महल किसी सपने जैसा लगता है। संगमरमर के फर्श, ऊंचे स्तंभ और पीछे बना चांद का निशान, सब कुछ मिथक जैसा है। रिजेक्टेड मेट का पीछा का सेट डिजाइन वाकई तारीफ के लायक है। जब वे दोनों भाग रहे थे, तो फर्श पर पड़ी दरारें बता रही थीं कि यह जादू साधारण नहीं है। माहौल इतना रियल लगा कि मैं भी वहीं खड़ा महसूस करने लगा।
युवक का किरदार बहुत मजबूत दिखाया गया है। वह युवती के पीछे-पीछे उस खतरनाक द्वार में कूदने को तैयार था। उसकी मांसपेशियां और उस पर पहना कवच उसे एक योद्धा जैसा बना रहा था। रिजेक्टेड मेट का पीछा में रोमांस और एक्शन का यह मिश्रण बहुत अच्छा लगा। जब वह युवती के साथ खड़ा था, तो उनकी जोड़ी बहुत पावरफुल लग रही थी जो मुसीबतों का सामना करने को तैयार हो।
वह नीला चक्र जो जमीन पर खुला, वह किसी पोर्टल जैसा लग रहा था जिसके पार तारे दिखाई दे रहे थे। यह विजुअल इफेक्ट बहुत हाई क्वालिटी का था। रिजेक्टेड मेट का पीछा में फंतासी एलिमेंट्स का इस्तेमाल कहानी को रोचक बनाता है। जब वे दोनों उसमें समा गए, तो लगा जैसे वे समय और स्थान से परे चले गए हों। यह दृश्य लंबे समय तक याद रहेगा।
जब वे दोनों चले गए और रानी अकेली खड़ी रही, तो उस दृश्य में एक अजीब सी शांति थी। जैसे उसने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली हो। रिजेक्टेड मेट का पीछा के इस अंत ने नए सवालों को जन्म दिया है। महल में वापस सन्नाटा छा गया और रानी की मुस्कान बता रही थी कि सब कुछ योजना के अनुसार हो रहा है। यह क्लिफहैंगर दर्शकों को अगले एपिसोड के लिए बेताब कर देगा।
इस एपिसोड की समीक्षा
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