राजा का वह घमंडी चेहरा देखकर ही समझ आ जाता है कि सत्ता ने उसे कैसे बदल दिया है। जब वह लड़के को नीचे गिराता है, तो लगता है जैसे ठुकराए हुए साथी का पीछा की कहानी में नफरत ही जीत गई हो। उस रानी का डरा हुआ चेहरा सब कुछ बता रहा है कि महल की दीवारें अब सुरक्षा नहीं, बल्कि खौफ बांट रही हैं।
उस लड़की का वह ताबीज आग में जलते देख दिल बैठ गया। लगता है ठुकराए हुए साथी का पीछा में अब सब कुछ राख होने वाला है। बारिश में भीगते हुए उस जोड़े की मोहब्बत अब इतिहास बन चुकी है। आग की लपटें सिर्फ ताबीज नहीं, बल्कि उनके वादों को भी जला रही हैं, यह दृश्य बहुत दर्दनाक था।
जब वह सफेद पोशाक वाली लड़की सामने आई, तो राजा की आंखों में चमक और रानी की आंखों में जलन साफ दिखी। ठुकराए हुए साथी का पीछा का प्लॉट अब बहुत पेचीदा हो गया है। वह लड़की चुपचाप खड़ी है लेकिन उसकी मौजूदगी से महल में तूफान खड़ा हो गया है, यह टकराव बहुत खतरनाक होने वाला है।
गुफा के अंदर बारिश का वह सीन जादुई था। ठुकराए हुए साथी का पीछा में प्रेम कहानी का यह हिस्सा सबसे खूबसूरत लगा। लड़के का हाथ थामना और ताबीज को गले में पहनाना, सब कुछ इतना कोमल था कि लगा समय थम गया हो। काश यह पल हमेशा के लिए रुक जाता और कभी टूटता नहीं।
लाल साड़ी वाली रानी का गुस्सा देखकर डर लग रहा है। ठुकराए हुए साथी का पीछा में वह अपनी जगह बचाने के लिए कुछ भी कर सकती है। जब उसने उस लड़की को डांटा, तो लगा जैसे शेरनी दहाड़ रही हो। सत्ता के लिए वह अपने ही दिल को मार रही है, यह पात्र बहुत जटिल और खतरनाक है।
उस बूढ़े आदमी की आंखों में आंसू देखकर सबका दिल पसीज गया। ठुकराए हुए साथी का पीछा में शायद वही एकमात्र इंसान है जिसे सच की परवाह है। भीड़ तमाशबीन बनी खड़ी है, लेकिन उसकी आंखें दर्द बयां कर रही हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी उसकी आवाज़ में दम है, यह पात्र बहुत प्रभावशाली है।
वह ताबीज सिर्फ एक गहना नहीं, बल्कि ठुकराए हुए साथी का पीछा की पूरी कहानी की चाबी है। जब वह आग में जला, तो लगा जैसे किसी श्राप का अंत हो रहा हो या नई मुसीबत शुरू हो रही हो। जादू और सच्चाई के बीच की यह लड़ाई अब अपने चरम पर है, आगे क्या होगा यह देखना रोमांचक होगा।
राजा जब मुस्कुराया, तो उस मुस्कान में जीत नहीं, बल्कि एक अजीब सी खालीपन था। ठुकराए हुए साथी का पीछा में शायद वह भी किसी मजबूरी में जिया है। सत्ता मिल गई लेकिन सुकून खो गया, यह चेहरा बता रहा है कि ताज पहनना कितना भारी पड़ गया है उसके सिर पर।
वह लाल कार्पेट अब खून जैसा लग रहा है जहां से वह लड़का रेंगता हुआ आया। ठुकराए हुए साथी का पीछा का यह दृश्य बहुत क्रूर था। राजा का वह व्यवहार देखकर गुस्सा आया कि इंसानियत को कुचलकर ही क्या मिलता है? यह दृश्य दर्शकों के रोंगटे खड़े करने के लिए काफी था और बहुत गहरा असर छोड़ गया।
जब वह लड़की आग के पास खड़ी थी और राजा पीछे आया, तो लगा ठुकराए हुए साथी का पीछा का अंत होने वाला है। लेकिन कहानियां कभी खत्म नहीं होतीं, बस रूप बदलती हैं। उस सफेद लिबास और काले लिबास का टकराव अब नई कहानी लिखेगा, यह अंत बहुत सस्पेंस से भरा हुआ था।
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