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Racing Ka Junoon

Pehle world champion Reyansh Kapoor ne ek race mein galti ki jiski wajah se uske father ki maut ho gayi. Usne racing chhod di aur sister Navya ko paalna shuru kiya. Navya badla lena chahti hai, lekin Samar Khanna uski team ko dhoka deta hai. Navya ko bachane ke liye Reyansh wapas aata hai, apni skills dikhata hai, aur world race qualify karta hai. Final race world champion Kenji ke khilaf hai. Kya Reyansh apni past ki galti sudhaar paayega aur world champion banega?
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इस एपिसोड की समीक्षा

सड़क पर हुआ बवाल

इस दृश्य में डिलीवरी बॉय की आंखों में दर्द साफ दिख रहा था। जब वो लड़की उसकी बात सुने बिना चली गई, तो दिल टूट गया। रेसिंग का जूनून की कहानी में ऐसा मोड़ नहीं देखा था। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का मज़ा ही अलग है। हर भाव पर यकीन नहीं होता। नाटक बहुत उच्च स्तर का है।

प्यार या घमंड

नीली जैकेट वाले लड़के का घमंड देखकर गुस्सा आ रहा था। पीली स्कूटी वाले बेचारे को कोई पूछ ही नहीं रहा। रेसिंग का जूनून में ऐसे रिश्ते दिखाकर अच्छा लगा। असल जिंदगी में भी ऐसा ही होता है। लड़की का रवैया थोड़ा अजीब था। दृश्य की गुणवत्ता भी बहुत स्पष्ट है।

चुप्पी का शोर

जब वो लड़की स्कूटी से उतरकर खड़ी हुई, तो लगा कुछ बड़ा होने वाला है। पर अंत वही हुआ जो नहीं चाहिए था। रेसिंग का जूनून की कहानी बहुत भावनात्मक है। काली जैकेट वाली लड़की चुपचाप सब देख रही थी। उसकी आंखों में भी सवाल थे। बहुत गहरा दृश्य है।

अधूरी कहानी

डिलीवरी बॉय का चेहरा देखकर लग रहा था कि वो कुछ और ही कहना चाहता है। पर शायद वक्त नहीं था। रेसिंग का जूनून में हर किरदार की अपनी मजबूरी है। सड़क का माहौल बहुत असली लगा। पुरानी इमारतें पृष्ठभूमि में उत्कृष्ट थीं। अभिनय में दम है।

बाइक बनाम स्कूटी

दोनों वाहनों के बीच की यह लड़ाई सिर्फ गाड़ियों की नहीं थी। यह हैसियत की भी थी। रेसिंग का जूनून ने वर्ग अंतर बहुत अच्छे से दिखाया। पीली हेलमेट वाले की बेबसी साफ झलक रही थी। नेटशॉर्ट पर ऐसी सामग्री मिलना दुर्लभ है। बिल्कुल नहीं छोड़ना चाहिए।

आंसू पी गया

अंत में जब वो अकेला रह गया, तो दृश्य बहुत भारी हो गया। कोई संवाद नहीं था फिर भी सब समझ आ गया। रेसिंग का जूनून का निर्देशन कमाल का है। लड़की ने पलटकर भी नहीं देखा। यह बेरुखी सबसे ज्यादा चुभती है। सच्ची भावनाएं दिखाई गई हैं।

गलत फैसला

लड़की ने जो चुना वो शायद उसके लिए सही नहीं था। डिलीवरी बॉय ज्यादा इमानदार लग रहा था। रेसिंग का जूनून में ऐसी उलझन वाले पल बहुत आते हैं। हम सब अपनी जगह सही हैं। पर परिणाम वही मिलता है जो किस्मत में होता है। दृश्य बहुत प्रभावशाली है।

खामोश चीख

पीले जैकेट वाले की आवाज़ में जो कंपन था, वो दिल तक पहुंच गया। गुस्सा और दुख दोनों थे। रेसिंग का जूनून के इस एपिसोड ने हिला कर रख दिया। पृष्ठभूमि संगीत भी बहुत सही था। माहौल में तनाव साफ महसूस हुआ। बहुत बढ़िया काम है।

रिश्तों की डोर

तीन लोगों के बीच का यह समीकरण बहुत पेचीदा था। एक चुन रही थी, एक हार रहा था। रेसिंग का जूनून में रिश्तों की बारीकियां दिखाई हैं। काली बाइक वाली भी अकेली रह गई। सबकी कहानी अधूरी लग रही थी। देखने वाले को सोचने पर मजबूर कर देता है।

आखिरी नज़ारा

जब वो दोनों बाइक लेकर चले गए, तो रास्ता सूना हो गया। डिलीवरी बॉय वहीं खड़ा रह गया। रेसिंग का जूनून का यह अंत बहुत यादगार है। नेटशॉर्ट ऐप पर दृश्य देखने का अनुभव बहुत सहज है। ऐसे सीन बार बार देखने को मन करता है। बहुत प्रभावशाली है।