शुरुआत में सब कुछ इतना खूबसूरत लग रहा था, बलून और शैंपेन के बीच वो नीली ड्रेस वाली लड़की सबकी नज़रों में थी। लेकिन जैसे ही काली ड्रेस वाली महिला ने गुस्से में मुट्ठी भींची, माहौल बदल गया। जानवरों की रानी का ये मोड़ बिल्कुल उम्मीद नहीं था, लगता है ये पार्टी किसी बड़े षड्यंत्र की शुरुआत है। बाहर छिपे लोग और उसका गुस्सा सब कुछ गड़बड़ बता रहा है।
वो चांदी का हार और चांद का पेंडेंट देखकर लगा कि शायद कोई रोमांटिक पल है, लेकिन सफेद सूट वाले लड़के का चेहरा कुछ और ही कहानी कह रहा था। जब उसने हार को सूंघा तो लगा जैसे कोई पुरानी याद ताज़ा हो गई हो। जानवरों की रानी में ऐसे सीन्स ही तो असली जादू करते हैं, जहां बिना डायलॉग के सब समझ आ जाता है। काली ड्रेस वाली औरत की नज़रें तो जैसे किसी शिकार को ताड़ रही थीं।
अंदर पार्टी चल रही थी और बाहर पत्थर की दीवार के पास तीन आदमी छिपे हुए थे, ये सीन देखकर रोंगटे खड़े हो गए। काली ड्रेस वाली महिला का बाहर आकर उनसे गुस्से में बात करना साफ बताता है कि वो सिर्फ मेहमान नहीं, बल्कि इस खेल की खिलाड़ी है। जानवरों की रानी की कहानी में ये ट्विस्ट बहुत गहरा है, लगता है अंदर की पार्टी सिर्फ एक बहाना है।
ब्लॉन्ड लड़की की मासूमियत और काली ड्रेस वाली महिला की नफरत भरी नज़रों के बीच जो टकराव था, वो किसी डायलॉग से कम नहीं था। खासकर जब वो महिला बाहर जाकर उन आदमियों से चिल्ला रही थी, तो लगा जैसे कोई बड़ा धमाका होने वाला हो। जानवरों की रानी में किरदारों की बॉडी लैंग्वेज ही सबसे बड़ा डायलॉग है, हर इशारा मतलब निकालता है।
सफेद सूट पहने उस लड़के का हार को पकड़ने का तरीका और उसका चेहरा बता रहा था कि वो इस सब में फंसा हुआ है। शायद वो उपहार सिर्फ एक तोहफा नहीं, बल्कि कोई संकेत था। जानवरों की रानी के इस एपिसोड में सबसे ज्यादा सस्पेंस इसी किरदार के इर्द-गिर्द घूम रहा है। अंदर की चमक और बाहर का अंधेरा बिल्कुल विपरीत है।
काली ड्रेस वाली महिला का चेहरा जब गुस्से से विकृत हुआ, तो लगा जैसे कोई जानवर बाहर आ गया हो। उसने बाहर छिपे आदमियों से जो बात की, उसमें धमकी साफ झलक रही थी। जानवरों की रानी में विलेन का ये अंदाज़ बहुत खतरनाक लग रहा है, वो अंदर शांत और बाहर इतनी आक्रामक कैसे हो सकती है, ये देखना दिलचस्प होगा।
शुरुआत में लगा ये कोई सेलिब्रेशन है, लेकिन जैसे-जैसे सीन आगे बढ़ा, पता चला कि ये तो एक जाल है। नीली ड्रेस वाली लड़की शायद इस जाल में फंसी हुई है और काली ड्रेस वाली महिला उसकी दुश्मन। जानवरों की रानी की स्क्रिप्ट बहुत चालाकी से लिखी गई है, हर सीन में नया सस्पेंस है। बाहर के गुंडे और अंदर की पार्टी का कनेक्शन क्या है?
जब सफेद बालों वाले लड़के ने उस चांद वाले हार को देखा, तो उसकी आँखों में एक अजीब सी पीड़ा थी। शायद ये हार किसी पुराने वादे या धोखे की निशानी है। जानवरों की रानी में छोटी-छोटी चीज़ें बड़ी कहानियां कहती हैं। काली ड्रेस वाली औरत की नज़रें उस हार पर टिकी थीं, जैसे वो इंतज़ार कर रही हो कि कोई गलती हो।
रात का वक्त, बाहर अंधेरा और पत्थर की दीवार के पास छिपे हुए लोग, ये सीन किसी हॉरर फिल्म से कम नहीं था। काली ड्रेस वाली महिला का उनसे मिलना साबित करता है कि ये पार्टी सिर्फ दिखावा है। जानवरों की रानी का ये एपिसोड रोंगटे खड़े करने वाला है, लगता है अब कुछ बड़ा होने वाला है। अंदर की रोशनी और बाहर का अंधेरा बिल्कुल विपरीत है।
अंदर अमीरी और चमक, बाहर गंदगी और खतरा, ये दो दुनिया एक ही जगह कैसे मौजूद हैं? काली ड्रेस वाली महिला इन दोनों को जोड़ने वाली कड़ी है। जानवरों की रानी में ये क्लास और क्रूड का टकराव बहुत गजब का है। नीली ड्रेस वाली लड़की बेचारी बीच में फंस गई है, अब देखना है कि वो इस जाल से कैसे निकलेगी।
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