जब वो सफेद ड्रेस में सोफे पर बैठी थी, तो कमरे का माहौल ही बदल गया। तीनों लड़कों की नज़रें उस पर टिकी थीं, जैसे कोई शिकार अपने शिकारी को देख रहा हो। जानवरों की रानी का ये सीन सच में दिलचस्प था, जहाँ खामोशी भी शोर मचा रही थी। उसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी जो बता रही थी कि वो साधारण लड़की नहीं है।
भूरे रंग की जैकेट और गले में शेर का पेंडेंट, ये लड़का किसी फिल्म का हीरो लग रहा था। उसके चेहरे पर वो घाव और आँखों में गुस्सा सब कुछ बता रहा था। जानवरों की रानी में जब वो खड़ा हुआ, तो लगा जैसे कमरे का तापमान बढ़ गया हो। उसकी मस्कुलर बॉडी और स्ट्रॉन्ग पर्सनालिटी ने सबका ध्यान खींच लिया।
काली शर्ट में वो लड़का जब खिड़की के पास गया, तो बैकग्राउंड में शहर की रोशनी उसे और भी हैंडसम बना रही थी। जानवरों की रानी के इस सीन में जब लड़की ने उसका हाथ पकड़ा, तो एक अलग ही इलेक्ट्रिक फीलिंग आई। उनकी केमिस्ट्री देखकर लगता है कि आगे कुछ बड़ा होने वाला है।
सफेद बालों वाला ये लड़का सबसे अलग लग रहा था। जब उसने अपने हाथ में वो दो पेंडेंट दिखाए, तो सबकी सांसें रुक गईं। जानवरों की रानी में ये मोड़ बहुत ही सस्पेंसफुल था। उसकी आँखों में एक अजीब सी शांति थी, जो बाकी दोनों के गुस्से से बिल्कुल अलग थी।
इतना बड़ा और लग्जरी लिविंग रूम, और बीच में ये चारों किरदार। जानवरों की रानी का सेट डिज़ाइन कमाल का है। जब वो तीनों लड़के एक साथ सोफे पर बैठे थे, तो लगा जैसे कोई गैंग मीटिंग चल रही हो। हर किसी के चेहरे पर अलग-अलग भाव थे, जो कहानी को और भी रोचक बना रहे थे।
जब सफेद बालों वाले लड़के ने वो दो नाखून वाले पेंडेंट दिखाए, तो सब हैरान रह गए। जानवरों की रानी में ये प्रॉप्स बहुत मायने रखते हैं। एक पेंडेंट भूरे रंग का था और दूसरा चांदी जैसा, शायद ये किसी पुरानी कहानी या शक्ति का प्रतीक हैं। सबकी नज़रें उन पेंडेंट्स पर टिकी थीं।
लड़की जब उठी और उस लड़के के पास गई, तो उसके चलने में एक अलग ही कन्फिडेंस था। जानवरों की रानी में उसका किरदार बहुत स्ट्रॉन्ग लग रहा है। उसने डरने के बजाय सीधे उनकी आँखों में देखा, जो बताता है कि वो इस खेल में पीछे नहीं है। उसकी ड्रेस और मेकअप भी परफेक्ट थे।
जब तीनों लड़के एक साथ खड़े हुए, तो उनकी बॉडी लैंग्वेज से साफ़ पता चल रहा था कि उनके बीच कुछ तनाव है। जानवरों की रानी में ये ट्रायंगल या शायद क्वाड्रैंगल ड्रामा बहुत इंटरेस्टिंग हो रहा है। हर किसी का अपना अंदाज़ और अपना राज़ है, जो धीरे-धीरे खुल रहा है।
बड़ी खिड़कियों से बाहर शहर की रोशनी दिख रही थी, जो इस सीन को एक सिनेमैटिक लुक दे रही थी। जानवरों की रानी की सिनेमेटोग्राफी बहुत अच्छी है। रात का वक्त, लग्जरी घर और ये चारों किरदार, सब कुछ मिलकर एक परफेक्ट माहौल बना रहे थे। देखने वाला बस देखता ही रह जाता है।
पायलट जैकेट वाले लड़के के गले में जो शेर का पेंडेंट था, वो बहुत यूनिक लग रहा था। जानवरों की रानी में हर किरदार के एक्सेसरीज़ उनकी पर्सनालिटी को दर्शाते हैं। जब वो अपनी जैकेट खोलता है, तो उसकी बॉडी और वो पेंडेंट दोनों ही ध्यान खींचते हैं। शायद ये उसकी ताकत का प्रतीक है।
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