जब दो अल्फा पुरुष एक ही महिला के लिए टकराते हैं, तो माहौल में आग लग जाती है। जानवरों की रानी में यह तनाव साफ दिखता है। लंबे बालों वाला पायलट और शर्ट वाला आदमी, दोनों की आंखों में सिर्फ वही है। रसोई में केक बनाते हुए भी जंगली नजरें नहीं हटतीं। यह त्रिकोण संबंध कितनी देर तक शांत रहेगी?
क्या आपने देखा जब उसने केक चखा तो उसकी आंखें पीली हो गईं? जानवरों की रानी का यह सीन रोंगटे खड़े करने वाला था। लगता है वह इंसान नहीं बल्कि कोई शक्तिशाली प्राणी है। उसकी मांसपेशियां और चेहरे के निशान इस बात का सबूत हैं कि वह साधारण नहीं है। रहस्य गहरा होता जा रहा है।
आटे को गूंथते हुए उसकी बाहों की नसें और पसीना... उफ्फ! जानवरों की रानी में रोमांस का यह अंदाज बिल्कुल नया है। सफेद ड्रेस में वह लड़की जब केक चखती है, तो लगता है समय थम गया है। पीछे खड़ा वह शख्स बस उसे ही देख रहा है। यह खामोशी शोर मचा रही है।
एक तरफ कड़वी कॉफी पीता हुआ शांत आदमी, दूसरी तरफ मीठा केक और जंगली आंखों वाला पायलट। जानवरों की रानी में यह विपरीत स्वभाव बहुत दिलचस्प है। लड़की के हाथ में केक और सामने दो अलग दुनिया के मर्द। चुनना कितना मुश्किल होगा उसके लिए? हर कोई अपनी पसंद का भूखा है।
दोनों आदमी एक दूसरे को ऐसे घूर रहे हैं जैसे शिकार पर झपट्टा मारने वाले हों। जानवरों की रानी की कहानी में यह दुश्मनी प्यार में बदल सकती है या तबाही में। लकड़ी के घर का माहौल और इन तीनों के बीच की दूरी बहुत कुछ कह रही है। क्या वह लड़की इन दोनों को बांट पाएगी?
उसकी गर्दन में लटका हुआ शेर का पेंडेंट सिर्फ गहना नहीं लग रहा। जानवरों की रानी में यह किसी ताकत की निशानी हो सकती है। जब वह आटा गूंथ रहा था, तब भी वह चमक रहा था। शायद यही वह राज है जो इस कहानी को आगे बढ़ाएगा। हर छोटी चीज में बड़ा मतलब छिपा है।
सफेद रॉब और फिर सफेद ड्रेस... वह लड़की किसी परी जैसी लग रही है। जानवरों की रानी में उसकी मासूमियत और इन दोनों खतरनाक मर्दों के बीच का कंट्रास्ट कमाल का है। वह सीढ़ियों से ऊपर जाती है तो लगता है वह इन दोनों से दूर भाग रही है, पर दिल कहीं और है।
केक सजाने का तरीका और फिर उसे चखने का अंदाज... जानवरों की रानी ने साबित कर दिया है कि प्यार रसोई से भी शुरू हो सकता है। उस लड़के के हाथों का हुनर और उस लड़की की तारीफ, बस देखते ही बनता है। खाने में भी एक नशा है जो इन तीनों को बांध रहा है।
जब शब्द खत्म हो जाते हैं, तो नजरें बोलती हैं। जानवरों की रानी के इस सीन में कोई डायलॉग नहीं, बस गहरी सांसें और टकराती नजरें हैं। कॉफी का मग और केक का टुकड़ा, बस इतना ही काफि है यह बताने के लिए कि माहौल कितना गर्म है। खामोशी सबसे बड़ा शोर है।
क्या वह लड़का जो कॉफी पी रहा है, उसे पता है कि उसके सामने कौन खड़ा है? जानवरों की रानी में अगला एपिसोड तूफान ला सकता है। केक वाले पैकेट में क्या था? क्या यह कोई जादू है या बस एक तोहफा? उत्सुकता बढ़ती जा रही है, अब रुका नहीं जा सकता।
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