जब बूढ़ी महिला ने उस नीले हीरे से घायल सीने को छुआ, तो मुझे लगा जैसे जादू हो रहा हो। जानवरों की रानी में ऐसे दृश्य दिल को छू लेते हैं। युवती की चिंतित आंखें और वह रहस्यमयी कमरा, सब कुछ इतना सुंदर है कि बार-बार देखने का मन करता है।
उन दोनों के बीच की बातचीत में एक अजीब सी गहराई थी। जानवरों की रानी ने दिखाया कि कैसे एक माँ अपनी बेटी को मुश्किल वक्त में सहारा देती है। सफेद बालों वाली महिला की आवाज़ में जो ठहराव था, वह किसी भी दर्शक को भावुक कर देगा।
अचानक दृश्य बदला और हम बर्फ़ से ढके जंगल में थे। जानवरों की रानी का यह मोड़ बिल्कुल अप्रत्याशित था। नन्ही बच्ची का बर्फ़ का पुतला बनाना और फिर वह पंखों वाला लड़का, सब कुछ सपनों जैसा लग रहा था।
बिस्तर पर लेटा वह शख्स जिसके पीठ पर पंख थे, उसे देखकर ही कहानी का रहस्य खुलने लगा। जानवरों की रानी में ऐसे किरदार जोड़ना बहुत हिम्मत का काम है। उसकी चोटें और फिर इलाज, सब कुछ बहुत नाटकीय था।
उस बूढ़ी महिला का किरदार इतना प्रभावशाली था कि नज़रें हट ही नहीं रही थीं। जानवरों की रानी में उनके संवाद बहुत वज़नदार थे। जब वह खिड़की के पास खड़ी होकर बात कर रही थीं, तो लगा जैसे कोई राज़ खुलने वाला हो।
काली चमकदार पोशाक में वह लड़की जब घबराई हुई दिखी, तो मैं भी उसके साथ घबरा गया। जानवरों की रानी ने भावनाओं को बहुत बारीकी से पकड़ा है। उसकी आंखों में जो डर था, वह साफ़ झलक रहा था।
पेड़ की डाल पर बैठा वह लड़का जिसके पीछे सफेद पंख थे, उसने सबका ध्यान खींच लिया। जानवरों की रानी का यह दृश्य सबसे यादगार है। उसकी नीली आंखें और बर्फ़ से गिरे टुकड़े, सब कुछ जादुई था।
लाल जैकेट में वह नन्ही बच्ची जब बर्फ़ का पुतला बना रही थी, तो लगा जैसे समय थम गया हो। जानवरों की रानी में ऐसे मासूम पल बहुत कम आते हैं। उसकी हंसी और खेलने का तरीका दिल को छू गया।
वह सफेद और सुनहरा कमरा जिसमें सब कुछ इतना भव्य था, उसे देखकर ही लगता है कि यह कोई साधारण कहानी नहीं है। जानवरों की रानी का मंच सज्जा कमाल का है। हर कोने में एक नया राज़ छिपा है।
जब बूढ़ी महिला और युवती एक साथ खिड़की के पास खड़ी थीं, तो लगा जैसे दो पीढ़ियां एक हो गई हों। जानवरों की रानी ने इस रिश्ते को बहुत खूबसूरती से दिखाया। उनकी बातचीत में जो अपनापन था, वह लाजवाब था।
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