जब वह युवती उस भव्य महल में प्रवेश करती है, तो सामने बैठी रानी की आँखों में आँसू देखकर दिल पसीज जाता है। 'घर पे स्वागत है, मेरी बच्ची' कहते हुए उनका गले लगाना किसी (डब्ड) अस्वीकार किए गए साथी का पीछा वाले ड्रामा से कम नहीं लगता। यह दृश्य इतना भावुक है कि दर्शक भी रो पड़ें।
जैसे ही सिलास, यानी युद्ध के देवता, उस सुनहरे महल में कदम रखते हैं, पूरा माहौल बदल जाता है। उनकी मांसपेशियां और वह घमंडी चाल देखकर लगता है कि अब कहानी में बड़ा ट्विस्ट आने वाला है। (डब्ड) अस्वीकार किए गए साथी का पीछा में भी ऐसे ही हीरो की एंट्री होती है जो सबका ध्यान खींच ले।
जब वह छोटी बहन अपनी दीदी का हाथ पकड़कर उत्साह से कहती है कि युद्ध देवता उन्हें ही देख रहे हैं, तो उसकी मासूमियत देखने लायक है। यह दोस्ताना पल (डब्ड) अस्वीकार किए गए साथी का पीछा की तनावपूर्ण स्थितियों से बिल्कुल अलग है और कहानी को हल्का-फुल्का बनाता है।
इस वीडियो का सबसे आकर्षक हिस्सा वह विशाल महल है जहाँ सोने की नक्काशी और ऊपर से आती दिव्य रोशनी सबको मंत्रमुग्ध कर देती है। जब रानी घोषणा करती हैं कि आज रात दावत होगी, तो लगता है जैसे (डब्ड) अस्वीकार किए गए साथी का पीछा के किसी भव्य समारोह का दृश्य हो।
रानी की सफेद पोशाक पर लगा सोने का तारामंडल और चाँद का सिंहासन उनकी शक्ति को दर्शाता है। जब वह सीढ़ियां उतरकर अपनी बेटी के पास जाती हैं, तो उनका वह रूप किसी देवी जैसा लगता है। (डब्ड) अस्वीकार किए गए साथी का पीछा में भी ऐसे ही शाही किरदारों का ध्यान रखा जाता है।
जब सिलास और वह सुनहरी बालों वाली नायिका एक-दूसरे को देखते हैं, तो हवा में कुछ अलग ही करंट दौड़ जाता है। उनकी आँखों में जो खिंचाव है, वह (डब्ड) अस्वीकार किए गए साथी का पीछा वाले रोमांस से भी ज्यादा गहरा लगता है। लगता है कहानी में अब मज़ा आएगा।
रानी का अपनी बेटी के गाल को सहलाना और उसके बालों में हाथ फेरना एक माँ के प्यार को बयां करता है। 'तुमने बहुत तकलीफ सही है' कहकर उनका सांत्वना देना दिल को छू लेता है। (डब्ड) अस्वीकार किए गए साथी का पीछा में भी ऐसे ही पारिवारिक बंधन दिखाए जाते हैं।
रानी का आदेश देना कि 'स्वागत दावत की तैयारी करो' और फिर पूरे महल में रोशनी जगमगाना, यह सब मिलकर एक उत्सव का माहौल बनाता है। यह दृश्य (डब्ड) अस्वीकार किए गए साथी का पीछा के किसी त्योहार वाले एपिसोड जैसा लगता है जहाँ सब खुश होते हैं।
सिलास का बिना कमीज के दिखना और उनकी कसरीली काया देखकर लगता है कि वह वाकई युद्ध के देवता हैं। उनका वह घमंडी अंदाज और नायिका को देखकर मुस्कुराना (डब्ड) अस्वीकार किए गए साथी का पीछा के हीरो जैसा ही आकर्षक है जो सबका दिल जीत ले।
जब नायिका अपने घर लौटती है और उसे युद्ध देवता से मिलना होता है, तो लगता है कि अब कहानी में नया मोड़ आएगा। (डब्ड) अस्वीकार किए गए साथी का पीछा की तरह ही यहाँ भी लगता है कि अब कुछ बड़ा होने वाला है जो सबको हैरान कर देगा।
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