लोरेंज़ो और इरिस की कहानी में जो तनाव है वो कमाल का है। एक तरफ गंदी बस्तियों का डर और दूसरी तरफ महल जैसा घर। जब लोरेंज़ो ने इरिस को जबरदस्ती उठाया तो दिल दहल गया। मिस्ट्रेस बना कर फ्रेम किया में दिखाया गया क्लास डिफरेंस बहुत गहरा है। वो अंगूठी का सीन जहाँ वो उसे पहनाने की कोशिश करता है और वो फेंक देती है, बस यही बताता है कि इरिस अपनी आज़ादी के लिए लड़ रही है।
वो सीन जहाँ मेड को मेकअप करते वक्त चाकू से वार किया जाता है, वो रोंगटे खड़े कर देने वाला था। खून का छींटा आइने पर और वो औरत का शांत चेहरा... बिल्कुल पागलपन है। मिस्ट्रेस बना कर फ्रेम किया में विलेन का किरदार इतना क्रूर कैसे हो सकता है? गुलाबी सूट वाली औरत का रिएक्शन देखकर लगा कि अब कहानी में बड़ा ट्विस्ट आने वाला है।
इरिस के चेहरे पर जो डर और गुस्सा एक साथ था, वो एक्टिंग कमाल की थी। जब वो भीड़ में खड़ी थी और लोरेंज़ो की तरफ देख रही थी, तो लगा जैसे वो चीखना चाहती हो। मिस्ट्रेस बना कर फ्रेम किया में इमोशनल ड्रामा बहुत तेज़ी से बढ़ता है। उसकी गर्दन पर पेंडेंट जो चाँद और तारे का है, शायद उसकी पहचान का प्रतीक है जो वो कभी नहीं छोड़ना चाहती।
लोरेंज़ो का किरदार बहुत जटिल है। वो इतना अमीर और ताकतवर है फिर भी इरिस के सामने घुटने टेकता है। पर क्या ये प्यार है या कब्जा? मिस्ट्रेस बना कर फ्रेम किया में पावर डायनामिक्स बहुत दिलचस्प हैं। जब वो अंगूठी उठाता है और फिर से पेश करता है, तो लगता है वो हार नहीं मानने वाला। उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक है जो डराती भी है और आकर्षित भी करती है।
वो औरत जो गुलाबी सूट में थी, उसने फोटो खींची और फिर गुस्से में फोन तोड़ दिया। ऐसा क्यों? क्या वो लोरेंज़ो की पत्नी है या कोई और? मिस्ट्रेस बना कर फ्रेम किया में हर किरदार के पीछे एक राज छिपा है। उसका मेकअप रूम में आना और खून देखकर चौंकना, ये सब बताता है कि वो इस खेल का अहम हिस्सा है। उसकी आँखों में डर नहीं, गुस्सा था।
वीडियो की शुरुआत में झुग्गी बस्ती का दृश्य और फिर लोरेंज़ो का महल, ये कंट्रास्ट बहुत गहरा है। मिस्ट्रेस बना कर फ्रेम किया में सेट डिज़ाइन ने कहानी को और भी मज़बूत बनाया है। गंदी सड़कों पर हीलीकॉप्टर की लाइट और फिर मार्बल फ्लोर वाले हॉल, ये सब दिखाता है कि दो दुनिया एक दूसरे से कितनी अलग हैं। इरिस का उस महल में होना बिल्कुल अजीब लग रहा है।
वो काले पत्थर वाली अंगूठी सिर्फ एक गहना नहीं, बल्कि एक जंजीर है। जब लोरेंज़ो उसे इरिस को पहनाता है, तो वो उसे अपनी मालकियत दिखाना चाहता है। मिस्ट्रेस बना कर फ्रेम किया में सिंबलिज्म बहुत गहरा है। इरिस का उसे फेंक देना उसकी बगावत है। फिर भी लोरेंज़ो उसे उठाता है, जैसे वो कह रहा हो कि तुम भाग नहीं सकती। ये जंग सिर्फ दिल की नहीं, इज़्ज़त की भी है।
वो बेचारी मेड जो बस अपना काम कर रही थी, उसका अंत इतना खूनी क्यों? मिस्ट्रेस बना कर फ्रेम किया में विलेन की क्रूरता की कोई सीमा नहीं है। जब वो औरत उसे चाकू मारती है और फिर शांति से अपना मेकअप ठीक करती है, तो इंसानियत शर्मिंदा हो जाती है। खून से सने हाथ और वो ठंडी मुस्कान, ये सीन लंबे समय तक याद रहेगा।
इरिस ज्यादा बोलती नहीं है, पर उसकी आँखें सब कुछ कह देती हैं। जब वो लोरेंज़ो के सामने खड़ी होती है और कुछ नहीं बोलती, तो उसकी चुप्पी में सबसे ज्यादा ताकत होती है। मिस्ट्रेस बना कर फ्रेम किया में डायलॉग से ज्यादा एक्सप्रेशन पर फोकस है। वो जानती है कि अगर वो बोली तो टूट जाएगी, इसलिए वो चुप रहकर ही लड़ रही है। उसकी आँखों में आंसू हैं पर आवाज़ नहीं।
हॉल में लगा वो साइन बोर्ड जिस पर 'लोरेंज़ो और इरिस' की शादी की तारीख लिखी थी, वो सबसे बड़ा झूठ था। मिस्ट्रेस बना कर फ्रेम किया में जबरदस्ती का रिश्ता दिखाया गया है। इरिस वहां खड़ी थी पर उसकी आँखों में शादी की खुशी नहीं, मौत का डर था। वो फूल और मोमबत्तियां सब एक धोखा हैं। असल में ये एक कैदखाना है जहाँ इरिस को बंद किया गया है।
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