एक पिता की बेटी की शादी में पहुंचने की जिद देखकर रोंगटे खड़े हो गए। पहले खून-खराबा, फिर शानदार महल। (डब्ड) किसान पिता दुनिया का बाप में जॉर्ज क्लूनी का किरदार साबित करता है कि बाप का प्यार किसी भी दीवार को तोड़ सकता है। वो झोला लेकर आया, पर दिल में दुनिया का बोझ था।
वो लड़का जो खुद को बहुत अमीर समझता था, उसकी बेइज्जती देखकर मजा आ गया। जॉर्ज ने न सिर्फ उसे जमीन पर गिराया, बल्कि उसका घमंड भी तोड़ दिया। शादी के कार्ड को पैरों तले रौंदना उसकी औकात दिखा रहा था। असली ताकत पैसे में नहीं, इरादों में होती है।
शुरुआत में लगा कि ये कोई वॉर मूवी है, लेकिन अंत में इमोशनल डायलॉग ने रुला दिया। 'मुझे स्टेज तक ले जाना है' वाली लाइन दिल को छू गई। (डब्ड) किसान पिता दुनिया का बाप में एक्शन और इमोशन का बेहतरीन मिश्रण है। बेटी का दौड़कर आना और गले लगना सबसे बेस्ट सीन था।
अन्ना का वेडिंग ड्रेस में दौड़ते हुए बाहर आना और पिता से लिपट जाना, इस सीन ने सबका दिल जीत लिया। वो झगड़ालू दूल्हा और उसकी गर्लफ्रेंड के चेहरे के भाव देखने लायक थे। जॉर्ज क्लूनी की एंट्री ने सबको चौंका दिया। ये शॉर्ट फिल्म नहीं, इमोशनल जर्नी है।
बिना सूट-बूट के, सादी शर्ट और पैंट में जॉर्ज ने सबको दिखा दिया कि असली हीरो कौन है। वो झोला उठाए महल में घुसा और सबकी नाक में दम कर दिया। (डब्ड) किसान पिता दुनिया का बाप की कहानी सादगी की ताकत बताती है। उसने न तो शोर मचाया, बस अपनी मौजूदगी से सब बदल दिया।
जब दूल्हे ने वेडिंग इनविटेशन को पैरों तले रौंदा, तो लगा अब कुछ बड़ा होने वाला है। जॉर्ज ने धैर्य नहीं खोया, बस अपनी बेटी के आने का इंतज़ार किया। और जब बेटी आई, तो सबकी बोलती बंद हो गई। ये बदले की नहीं, प्यार की जीत थी।
एक तरफ शानदार महल और अमीर लोग, दूसरी तरफ एक सादा बाप। लेकिन अंत में वही सादा बाप हीरो बना। (डब्ड) किसान पिता दुनिया का बाप में क्लास और मास का टकराव देखने को मिलता है। जॉर्ज क्लूनी का अभिनय लाजवाब है, खासकर वो आंसू भरी मुस्कान।
पिता-पुत्री का रिश्ता कितना गहरा होता है, ये फिल्म देखकर पता चला। बेटी ने दूल्हे को छोड़कर बाप को चुना, ये सबसे बड़ा सबक था। जॉर्ज ने न तो मारा, न चिल्लाया, बस खड़ा रहा और बेटी खुद दौड़कर आई। ये प्यार की जीत है।
पहले आधे घंटे में गोलीबारी और धमाके, फिर दूसरे आधे में इमोशनल डायलॉग और आंसू। (डब्ड) किसान पिता दुनिया का बाप का प्लॉट ट्विस्ट बहुत शानदार है। जॉर्ज क्लूनी का किरदार एकदम परफेक्ट है। वो झोला लेकर आया, पर दिल में बेटी की खुशियां लाया।
अमीर दूल्हा और उसकी गर्लफ्रेंड, दोनों को अपनी औकात याद दिला दी गई। जॉर्ज ने न तो गाली दी, न मारा, बस अपनी मौजूदगी से सबको शर्मिंदा कर दिया। बेटी का दौड़कर आना और गले लगना सबसे इमोशनल पल था। ये फिल्म सिखाती है कि प्यार सबसे बड़ी ताकत है।
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