मार्कस के मरने के बाद जो पावर वैक्यूम बना है, उसमें क्लॉस और उसका नया प्रोटेजे कैसे फंस रहे हैं, यह देखना दिलचस्प है। (डब्ड) जासूस आशिक में दिखाया गया है कि कैसे एक गलत फैसला पूरे गैंग को पुलिस की रडार पर ला सकता है। क्लॉस का गुस्सा और उस लड़के की चुप्पी, दोनों के बीच का तनाव कमाल का है। लगता है यह शहर अब किसी एक के हाथ में नहीं रहेगा।
जब वो टटू वाला आदमी कहता है कि क्लॉस उनके पीछे पड़ा है, तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। (डब्ड) जासूस आशिक में क्लॉस कैरेक्टर की एंट्री बिना दिखाए ही इतनी दहशत पैदा करती है कि समझ आ जाता है वह कितना खतरनाक है। चार रेड्स और लगातार नुकसान, यह कोई संयोग नहीं लग रहा। लगता है कोई बहुत बड़ी चाल चल रही है जिसका शिकार ये लोग बन रहे हैं।
व्हाइट वेनी वाले आदमी का गुस्सा जायज है, लेकिन लंबे बालों वाले लड़के का शांत रहना और किताब पढ़ना अजीब लग रहा है। (डब्ड) जासूस आशिक में यह डायनामिक बहुत गहरा है। लगता है लड़का कुछ छिपा रहा है या फिर वह क्लॉस के बारे में कुछ जानता है जो बाकी नहीं जानते। जब वह कहता है कि उसे वो हरामी मिल ही नहीं रहा, तो उसकी आवाज में जो दर्द है, वह सिर्फ गुस्सा नहीं है।
तौलिए में निकलने के बाद जब वह लड़का ड्रिंक ले रहा होता है, तो माहौल एकदम बदल जाता है। (डब्ड) जासूस आशिक का यह सीन बहुत सस्पेंसफुल है। पीछे से आकर गले मिलना और 'शाम सुंदर' कहना, यह सब इतना सहज है कि लगता है ये दोनों एक-दूसरे को बहुत अच्छे से जानते हैं। लेकिन फिर भी उस लड़के के चेहरे पर जो झिझक है, वह सब कुछ शक के घेरे में ला देती है।
लेदर जैकेट वाला शख्स जब पीछे से आकर उसे पकड़ता है, तो सीन बहुत रोमांटिक लगता है, लेकिन डायलॉग्स कुछ और ही इशारा कर रहे हैं। (डब्ड) जासूस आशिक में रिश्तों की यह पेचीदगी देखने लायक है। 'मेरा नंबर चाहिए?' वाला सवाल और फिर 'रात अभी लंबी है' कहकर तौलिया हटाना, यह सब बहुत बोल्ड है। लगता है यह लड़का किसी बड़े खेल का हिस्सा है जहां भावनाएं भी हथियार बन सकती हैं।
साउथ साइड को एक महीने के लिए दे देना और प्रॉफिट डबल करने का ऑर्डर, यह सब दिखाता है कि पावर कितनी आसानी से हाथ बदल सकती है। (डब्ड) जासूस आशिक में बिजनेस और क्राइम का यह मिश्रण बहुत अच्छे से दिखाया गया है। लेकिन जब पुलिस रेड्स शुरू होती हैं, तो समझ आता है कि यह सौदा कोई आम सौदा नहीं था। क्लॉस का नाम सुनते ही सबके होश उड़ जाते हैं, यह उसकी ताकत को बताता है।
जब वह लड़का खुद से पूछता है कि 'मुझे इस पे इतना गुस्सा क्यों आ रहा है?', तो यह सीन बहुत गहरा है। (डब्ड) जासूस आशिक में किरदारों के मनोविज्ञान को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। शायद उसे क्लॉस पर गुस्सा नहीं, बल्कि उस स्थिति पर गुस्सा है जिसमें वह फंस गया है। या फिर शायद उसे उस शख्स पर गुस्सा है जो अभी उसके पीछे खड़ा है और उसे छू रहा है। यह कन्फ्यूजन ही इस कहानी की जान है।
शुरुआत में सिगार पीने वाला आदमी जब हंसता है और कहता है कि उस बूढ़े को हट जाना चाहिए था, तो उसकी क्रूरता साफ दिखती है। (डब्ड) जासूस आशिक में विलन की एंट्री बहुत दमदार है। वह लड़के की एम्बिशन की तारीफ करता है, लेकिन असल में वह उसे इस्तेमाल कर रहा है। यह दुनिया इतनी बेरहम है कि यहां दोस्ती भी स्वार्थ के लिए होती है। उसका हर डायलॉग खतरे की घंटी बजाता है।
क्लॉस का कोई नंबर नहीं, कोई पता नहीं, बस नाम है और उसका खौफ। (डब्ड) जासूस आशिक में यह किरदार एक परछाई की तरह है जो कभी भी सामने आ सकता है। जब वो लड़का कहता है कि उसे वो हरामी मिल ही नहीं रहा, तो उसकी मजबूरी साफ झलकती है। यह दिखाता है कि क्लॉस कितना स्मार्ट और सावधान है। वह हमले करता है और गायब हो जाता है, बिना किसी निशान के।
बाथरूम से निकलने के बाद का यह सीन बहुत ही इंटिमेट है, लेकिन इसमें एक अजीब सी टेंशन भी है। (डब्ड) जासूस आशिक ने इस सीन को बहुत खूबसूरती से शूट किया है। जब वह शख्स पीछे से आकर उसे पकड़ता है और कान में कुछ फुसफुसाता है, तो लड़के का रिएक्शन बहुत नेचुरल है। वह न तो पूरी तरह डर रहा है और न ही खुश। यह अंजानापन ही दर्शकों को बांधे रखता है कि आखिर इन दोनों के बीच है क्या।
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