वीडियो की शुरुआत में बारिश और अंधेरे का माहौल इतना गहरा है कि रोंगटे खड़े हो जाते हैं। जब मुख्य किरदार तारपीन के नीचे से बाहर निकलती है, तो उसकी आँखों में डर और हैरानी साफ़ झलकती है। चाहे कहानी कुछ भी हो, लेकिन चार हीरोइनें कॉन्कर करके उठो जैसे सीन देखकर लगता है कि यह कोई साधारण सफर नहीं है। डेक पर पड़े हुए लोग और गन का होना बताता है कि यहाँ कुछ बहुत बड़ा हादसा हुआ है।
कैप्टन केबिन में उसकी एंट्री किसी एक्शन हीरोइन से कम नहीं लगती। काली पोशाक और सोने के बटन उसकी पर्सनालिटी को और भी निखार रहे हैं। जब वह केबिन में घुसती है और चारों तरफ बिखरे हुए शवों को देखती है, तो चेहरे पर कोई डर नहीं, बस एक अजीब सी गंभीरता है। चार हीरोइनें कॉन्कर करके उठो के इस मोड़ पर लगता है कि वह किसी बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने वाली है। उसकी चाल में एक अलग ही आत्मविश्वास है।
जब वह केबिन में उस आदमी से मिलती है, तो माहौल में तनाव साफ़ महसूस किया जा सकता है। दोनों के बीच की बातचीत बिना डायलॉग के भी बहुत कुछ कह जाती है। उस आदमी का चेहरा देखकर लगता है कि वह भी इस स्थिति से अनजान है। चार हीरोइनें कॉन्कर करके उठो में यह सीन सबसे ज्यादा इंटेंस है जहाँ दो अजनबी एक दूसरे पर भरोसा करने की कोशिश कर रहे हैं। स्क्रीन पर केमिस्ट्री बहुत ही शानदार है।
जब वह महिला कंप्यूटर के पास जाती है और टाइपिंग शुरू करती है, तो लगता है कि वह किसी बड़े डेटा को एक्सेस कर रही है। स्क्रीन पर दिखाई देने वाले मैप्स और कोड्स बताते हैं कि यह जहाज किसी मिशन पर है। चार हीरोइनें कॉन्कर करके उठो के इस हिस्से में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कहानी को आगे बढ़ाने के लिए बहुत अच्छे से किया गया है। उसकी उंगलियों की मूवमेंट से साफ़ पता चलता है कि वह इस काम में माहिर है।
जब वह नीले रंग का लिफाफा खोलती है और क्लीन स्वीप लिखा हुआ कागज निकालती है, तो पूरी कहानी एक नया मोड़ ले लेती है। टॉप सीक्रेट की मुहर और उस पर लिखे नाम बताते हैं कि यह कोई सरकारी या गुप्त प्रोजेक्ट है। चार हीरोइनें कॉन्कर करके उठो में यह पल सबसे ज्यादा हैरान करने वाला है। उस आदमी का रिएक्शन देखकर लगता है कि उसे भी इस फाइल के बारे में पहले से पता था।
वीडियो के शुरुआती सीन्स में बारिश का पानी और गीली तारपीन का दृश्य बहुत ही सिनेमेटिक है। महिला के चेहरे पर पानी की बूंदें और उसकी गीली चमकदार त्वचा विजुअली बहुत आकर्षक लग रही है। चार हीरोइनें कॉन्कर करके उठो के इस हिस्से में डायरेक्टर ने माहौल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। अंधेरे और रोशनी का खेल दर्शकों को बांधे रखता है।
जब कैमरा डेक पर पड़े हुए लोगों को दिखाता है, तो सवाल यह उठता है कि आखिर हुआ क्या था? क्या यह कोई हमला था या कोई दुर्घटना? चार हीरोइनें कॉन्कर करके उठो में यह सस्पेंस बनाए रखने का एक बेहतरीन तरीका है। मुख्य किरदार का उन शवों के पास से गुजरना और उनकी तरफ देखना बताता है कि वह इस सबके पीछे की सच्चाई जानना चाहती है।
केबिन के अंदर का माहौल बाहर की तुलना में और भी ज्यादा डरावना है। फ्लोर पर पड़ी हुई गन और बिखरे हुए सामान बताते हैं कि यहाँ कोई जबरदस्त संघर्ष हुआ था। चार हीरोइनें कॉन्कर करके उठो के इस सीन में सेट डिजाइन बहुत ही रियलिस्टिक है। जब वह महिला केबिन में घुसती है, तो लगता है कि वह किसी कब्रिस्तान में प्रवेश कर रही है।
जब वह आदमी महिला को देखता है, तो उसके चेहरे पर हैरानी और राहत दोनों झलकती है। लगता है कि वह उसे देखकर खुश है लेकिन साथ ही चिंतित भी है। चार हीरोइनें कॉन्कर करके उठो में इस किरदार की एक्टिंग बहुत ही नेचुरल है। उसकी आँखों में छुपा हुआ डर और सवाल दर्शकों को भी सोचने पर मजबूर कर देते हैं।
वीडियो के अंत में जब वह आदमी अपनी हाथ फाइल पर रखता है, तो यह एक बहुत ही पावरफुल शॉट है। यह बताता है कि अब वह इस मामले को अपने हाथ में ले रहा है। चार हीरोइनें कॉन्कर करके उठो का यह अंत दर्शकों को अगले एपिसोड के लिए बेताब कर देता है। हाथ की नसों का दिखना और फाइल पर उसकी पकड़ ताकत और जिम्मेदारी को दर्शाती है।
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