इस दृश्य में नीली शर्ट वाली लड़की की आँखों में दर्द साफ दिख रहा है। खून के निशान देखकर दिल दहल गया। सफेद सूट वाली महिला का व्यवहार बहुत अहंकारी लग रहा है। ग्रे सूट वाले शख्स ने जब उसे बचाया तो लगा जैसे असली हीरो सामने हो। सीईओ का इच्छा का अनोखा खेल में ऐसे मोड़ बारिश की तरह आते हैं। कार्यलय के माहौल में यह ड्रामा बहुत गहरा है। हर किसी की नजरें इन तीनों पर टिकी हैं। क्या यह साजिश है या प्यार का खेल? देखने वाला हर पल सोचने पर मजबूर हो जाता है। बहुत ही दमदार एक्टिंग है।
सफेद ब्लेजर वाली महिला की मुस्कान के पीछे छिरी नफरत साफ झलकती है। उसने जैसे ही बात की, माहौल में तनाव बढ़ गया। पीछे खड़े सहकर्मियों की फुसफुसाहट ने माहौल और भी खराब कर दिया। नीली शर्ट वाली लड़की बेचारी कुछ बोल भी नहीं पा रही है। सीईओ का इच्छा का अनोखा खेल की कहानी में यह सबसे बड़ा ट्विस्ट हो सकता है। ग्रे सूट वाले शख्स की आँखों में गुस्सा और चिंता दोनों हैं। यह जंग अब सिर्फ कार्यलय की नहीं बल्कि दिलों की हो गई है। कौन जीतेगा यह तो आगे ही पता चलेगा।
जब ग्रे सूट वाले शख्स ने नीली शर्ट वाली लड़की के सामने खड़े होकर बात की, तो सबकी सांसें रुक गईं। उसकी आवाज में जो ठहराव था, उसने सबको चौंका दिया। सफेद सूट वाली महिला हैरान रह गई। सीईओ का इच्छा का अनोखा खेल में ऐसे सीन्स देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। कार्यलय की खिड़कियों से बाहर का शहर शांत है पर अंदर तूफान है। घायल लड़की की हालत देखकर तरस आ रहा है। क्या वह इस साजिश से बच पाएगी? यह सवाल हर दर्शक के मन में है। बहुत ही रोमांचक कहानी चल रही है।
पीछे खड़े लोगों के चेहरे पर अलग अलग भाव हैं। कोई हैरान है तो कोई मजे ले रहा है। दो महिलाएं कोने में खड़े होकर कुछ गुप्त बातें कर रही हैं। उनकी हंसी में जहर है। सीईओ का इच्छा का अनोखा खेल में हर किरदार की अपनी अहमियत है। सफेद ब्लेजर वाली महिला को लगता है वह सब कंट्रोल कर रही है। पर ग्रे सूट वाले शख्स की चाल कुछ और ही है। नीली शर्ट वाली लड़की बीच में फंस गई है। यह कार्यलय राजनीति बहुत खतरनाक रूप ले चुकी है। देखने में बहुत मजा आ रहा है।
नीली शर्ट पर खून के धब्बे देखकर लगता है कोई बड़ी वारदात हुई है। चेहरे पर चोट के निशान दर्द बता रहे हैं। सफेद सूट वाली महिला बेफिक्र होकर बात कर रही है। यह बेरुखी देखकर गुस्सा आता है। सीईओ का इच्छा का अनोखा खेल की कहानी में यह सबसे इमोशनल पल है। ग्रे सूट वाले शख्स ने जब करीब आकर देखा तो लगा वह टूट जाएगा। कार्यलय की चमक धमक के पीछे छिपा यह अंधेरा सच है। क्या न्याय मिल पाएगा इस लड़की को? हर एपिसोड में नया सस्पेंस है। बहुत ही गहराई से लिखा गया ड्रामा है।
उसकी आँखों में एक अलग ही चमक है जो खतरनाक लग रही है। वह जानबूझकर नीली शर्ट वाली लड़की को चुनौती दे रही है। ग्रे सूट वाले शख्स को भी वह नहीं बख्श रही है। सीईओ का इच्छा का अनोखा खेल में विलेन का किरदार बहुत मजबूत है। कार्यलय के बीचों बीच यह नाटक हो रहा है। सब लोग देख रहे हैं पर कोई बीच में नहीं आ रहा। यह खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचा रही है। क्या यह महिला सच में दोषी है या कोई और है? पता करने के लिए और देखना होगा। बहुत ही क्लिप है।
जैसे ही ग्रे सूट वाले शख्स ने मुंह खोला, सफेद सूट वाली महिला की हंसी गायब हो गई। यह पावर डायनामिक बहुत तेजी से बदल रहा है। नीली शर्ट वाली लड़की बस देखती रह गई। सीईओ का इच्छा का अनोखा खेल में ऐसे ट्विस्ट की उम्मीद नहीं थी। कार्यलय की सेटिंग बहुत रियलिस्टिक लग रही है। खिड़कियों से दिखता शहर इस तनाव को और बढ़ा रहा है। हर किरदार का मेकअप और कपड़े बहुत सूट कर रहे हैं। कहानी में जान है और दर्शक को बांधे रखती है। आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता है।
बिना कुछ बोले ही ग्रे सूट वाले शख्स ने सब कुछ कह दिया। उसकी नजरों में नीली शर्ट वाली लड़की के लिए फिक्र है। सफेद सूट वाली महिला को यह पसंद नहीं आया। सीईओ का इच्छा का अनोखा खेल में डायलॉग से ज्यादा एक्सप्रेशन बोलते हैं। कार्यलय के शोर में यह खामोश जंग लड़ी जा रही है। पीछे खड़े लोगों की सांसें थमी हुई हैं। क्या यह प्यार है या जिम्मेदारी? यह सवाल बना हुआ है। घायल लड़की की आँखों में आंसू हैं पर आवाज नहीं। बहुत ही दिल को छू लेने वाला सीन है।
सबकी नजरें इन तीनों पर टिकी हैं। कोई काम नहीं कर रहा बस यह ड्रामा देख रहा है। सफेद ब्लेजर वाली महिला को लगता है वह जीत गई है। पर ग्रे सूट वाले शख्स की चाल बाकी है। सीईओ का इच्छा का अनोखा खेल में कार्यलय राजनीति को बहुत अच्छे से दिखाया गया है। नीली शर्ट वाली लड़की बेचारी बीच में फंस गई है। खून के निशान सबूत हैं पर कोई सुनने वाला नहीं है। यह अन्याय देखकर दर्शक का दिल बैठ जाता है। आगे की कहानी में क्या खुलासा होगा यह देखना बाकी है।
यह सीन देखकर लगा कि कहानी बहुत आगे बढ़ने वाली है। हर किरदार की एक्टिंग बहुत नेचुरल है। सफेद सूट वाली महिला की नफरत असली लगती है। ग्रे सूट वाले शख्स का गुस्सा कंट्रोल में है। सीईओ का इच्छा का अनोखा खेल को नेटशॉर्ट ऐप पर देखना बहुत अच्छा अनुभव है। नीली शर्ट वाली लड़की की हालत पर तरस आता है। कार्यलय की लाइटिंग और बैकग्राउंड बहुत प्रीमियम है। यह सिर्फ एक झगड़ा नहीं बल्कि बड़ी साजिश का हिस्सा है। हर एपिसोड के बाद इंतजार बढ़ता है।