बड़े साहब, यह बच्चा आपका नहीं कहानी में दिखाया गया है कि असली खुशी पैसों में नहीं, बल्कि आज़ादी और अपनेपन में है। एक अमीर जोड़े की ज़िंदगी में एक मासूम बच्चे की एंट्री सब कुछ बदल देती है। शुरुआत में लगता है कि यह सिर्फ एक ड्रामा है, लेकिन अंत में मिलने वाला संदेश दिल को छू लेता है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे अनोखे कंटेंट देखना बहुत सुकून देता है।