बड़े साहब, यह बच्चा आपका नहीं में काले सूट वाले का चेहरा देखकर दिल दहल गया। जब वह औरत ने उसका हाथ छोड़ा और सफेद सूट वाले के साथ चली गई, तो उसकी आँखों में टूटने का दर्द साफ दिख रहा था। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे इमोशनल सीन्स देखना मेरी आदत बन गई है। हर फ्रेम में तनाव और ड्रामा है, जैसे कोई असली जिंदगी की कहानी हो। उसकी मुट्ठी भींचने का तरीका और फिर चेहरे को हाथ से ढकना—ये सब छोटे-छोटे डिटेल्स ही तो कहानी को जीवंत बनाते हैं।