उस डायरी में लिखी हर लाइन एक अधूरी कहानी कह रही थी। जब वह शख्स कब्र पर घुटनों के बल बैठकर रोया, तो मेरी आंखें भी नम हो गईं। डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार जैसी फिल्में ही असली इमोशन दिखाती हैं। सूरजमुखी के फूल और वह शांत झील का नज़ारा किसी पेंटिंग जैसा था। अंत बहुत दर्दनाक था, पर सच्चाई से भरा हुआ।
कब्र पर लिखा नाम और तारीखें देखकर दिल बैठ गया। वह शख्स अपनी डायरी में लिखे वादों को पूरा करने आया था, पर शायद बहुत देर हो चुकी थी। डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार की यह कहानी बताती है कि प्यार कभी मरता नहीं, बस रूप बदल लेता है। सफेद पोशाक वाली लड़की का आना और फिर गायब होना एक खूबसूरत सपने जैसा था।
हर फ्रेम में सूरजमुखी का होना सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि एक गहरा संदेश था। वह शख्स जब फूल रखता है और डायरी पढ़ता है, तो लगता है जैसे वह अपने बीते कल से बात कर रहा हो। डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार में दिखाया गया दर्द बहुत असली लगता है। अंत में उसका जमीन पर गिरना और 'समाप्त' लिखा आना रूह कंपा देने वाला था।
तीस साल बाद का वह सीन जब वह शख्स बूढ़ा हो चुका था, पर उसकी आंखों में वही प्यार था, कमाल का था। डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार जैसी कहानियां हमें सिखाती हैं कि वक्त सब बदल देता है, बस यादें वही रहती हैं। झील के किनारे का वह माहौल और धीमी हवाएं सब कुछ और भी उदास बना रही थीं।
जब वह शख्स कब्र पर हाथ रखकर रोता है, तो लगता है जैसे उसकी सारी तकलीफ बाहर आ रही हो। डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार की यह कहानी दिल से जुड़ी है। सफेद कपड़ों वाली लड़की का मुस्कुराना और फिर गायब होना एक अजीब सा अहसास देता है। शायद वह उसकी रूह को सुकून देने आई थी।