शहर की भीड़भाड़ से दूर, हरे-भरे मैदान और तालाब के किनारे यह झगड़ा और प्यार बहुत सुकून देने वाला लगा। प्रकृति की खूबसूरती के बीच इन दोनों का ड्रामा देखना एक अलग ही अनुभव था। डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार की लोकेशन सिलेक्शन भी बहुत शानदार है, माहौल बनाने में मददगार।
लगता है कोई बड़ी गलतफहमी हुई है जिसकी वजह से यह सब हो रहा है। हीरो का बार-बार समझाने की कोशिश करना और लड़की का न मानना... यह क्लासिक लव स्टोरी वाला मोड़ है। डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार में आगे क्या होगा, यह जानने के लिए बेचैनी बढ़ रही है।
पहले डर, फिर गुस्सा, फिर रोना और अंत में प्यार... इन कुछ ही मिनटों में इतने सारे इमोशंस देखने को मिले। दर्शक के रूप में मैं भी इनके साथ हंसता और रोता रहा। डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार की स्क्रिप्ट इतनी मजबूत है कि हर सीन दिल को छू जाता है।
हीरो ने तो हार नहीं मानी, चाहे लड़की कितना भी मना करे। उसने जबरदस्ती गले लगाया और अपना प्यार जताया। यह जिद्द और पागलपन ही तो असली प्यार की निशानी है। डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार में हीरो का किरदार बहुत दमदार लग रहा है, जो अपने प्यार के लिए कुछ भी कर सकता है।
अंत में जो किस हुआ, वह बिल्कुल परफेक्ट था। न ज्यादा लंबा, न ज्यादा छोटा, बस उतना ही जितना उस पल की जरूरत थी। हीरो का हाथ लड़की के चेहरे पर और उनकी आंखें बंद... यह पल हमेशा याद रहेगा। डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार में ऐसे रोमांटिक पलों की कमी नहीं है।