जब छोटे बालों वाली लड़की ने वह नीली बाल्टी उठाई, तो मुझे समझ आ गया कि अब कुछ बुरा होने वाला है। पानी गिरते ही उस बेचारी लड़की की हालत देखकर रूह कांप गई। गीले कपड़े और सिसकियां किसी को भी रुला दें। डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार में ऐसे ट्विस्ट तो नहीं आते, पर यह रियलिटी बहुत कड़वी लग रही है। काश कोई बीच में आ जाता।
अंत में जब फोन बजता है और स्क्रीन पर 'डोरियन' नाम दिखता है, तो लगता है कि शायद अब कोई राहत मिलेगी। पर वह लड़की अभी भी वहीं अकेली बैठी है, पूरी तरह टूट चुकी है। यह अंत बहुत दर्दनाक है। डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार जैसे रोमांटिक ख्यालों के बीच यह कड़वा सच बहुत चुभता है। उम्मीद है अगले एपिसोड में उसे बचा लिया जाए।
जब उस लड़की ने दरवाजा बंद किया और बाहर वाली लड़की ने हैंडल पर छड़ी अटका दी, तो लगा जैसे वह उसे कैद कर रही हो। यह मानसिक प्रताड़ना शारीरिक मार से भी ज्यादा भयानक लगती है। डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार में हीरोइन को इतना अकेला नहीं छोड़ा जाता। यहां तो सब उसे छोड़कर चले गए, यह दृश्य बहुत भारी था।
गुलाबी पोशाक वाली लड़की का सेल्फी लेते हुए मुस्कुराना सबसे डरावना पल था। उसे दूसरों के दर्द से कोई फर्क नहीं पड़ रहा, बस उसे अपने सोशल मीडिया की पड़ी है। डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार में प्यार और सम्मान दिखाया जाता है, यहां तो सिर्फ घृणा है। यह पात्र सच में नफरत के लायक है, उसकी हंसी कानों में गूंजती रहती है।
जमीन पर पड़ी लड़की की आंखों में जो आंसू थे, वे किसी की भी आंखें नम कर दें। वह बार-बार उठने की कोशिश कर रही थी, पर दर्द से फिर गिर जाती थी। डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार में ऐसे सीन होते तो हीरो तुरंत आ जाता। यहां तो वह बिल्कुल अकेली है, उसकी चीखें दीवारों से टकराकर वापस आ रही हैं। बहुत दुख हुआ यह देखकर।