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इस दृश्य में तनाव इतना ज्यादा है कि सांस रुक जाए। बूढ़ी दादी का चेहरा देखकर लगता है जैसे वो किसी बड़े फैसले के कगार पर हैं। छोटी बच्ची की आंखों में डर और उम्मीद दोनों झलक रहे हैं। युवक का शांत रहना भी संदेह पैदा करता है। आपदाएँ बरसीं, सिस्टम से पाई राह जैसे ही लगता है जब दादी अपना हाथ आगे बढ़ाती हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ड्रामे देखना बहुत मजेदार है, हर पल नया ट्विस्ट आता है।