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आपदाएँ बरसीं, सिस्टम से पाई राहवां59एपिसोड

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आपदाएँ बरसीं, सिस्टम से पाई राह

अंजलि एक प्राचीन आपदा प्रणाली में जाकर एक पाँच साल की बालिका के शरीर में समा जाती है। उसका कार्य है—टिड्डी दल, शीत लहर, महामारी, अकाल जैसी भीषण आपदाओं से अपने परिवार को बचाना। अंत तक जीवित रहने पर वह असली दुनिया में लौट सकती है और सौ अरब जीत सकती है। रास्ते में उसे लोगों के अविश्वास, विरोध और आपदाओं से पैदा मानवीय संकटों का भी सामना करना पड़ता है। अंततः अपनी बुद्धि और सिस्टम के इनामों से वह पूरे गाँव को बचाकर नेता बन जाती है। जब लौटने का समय आता है, तो सिस्टम में
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इस एपिसोड की समीक्षा

छोटी बच्ची का बड़ा फैसला

आपदाएँ बरसीं, सिस्टम से पाई राह में छोटी बच्ची की आँखों में डर और हिम्मत दोनों झलकते हैं। जब सिस्टम ने कहा कि वह वापस नहीं जा सकती, तो उसने खुद रास्ता ढूंढा। परिवार के सदस्यों के चेहरे पर चिंता, लेकिन बच्ची ने सबको हैरान कर दिया। नेटशॉर्ट ऐप पर यह दृश्य देखकर दिल धड़क गया। बच्ची की मासूमियत और बहादुरी ने सबका दिल जीत लिया।

छोटी बच्ची का बड़ा फैसला

जब आपदाएँ बरसीं, व्यवस्था से पाई राह ने दिखाया कि कैसे एक छोटी बच्ची पूरे परिवार की उम्मीद बन जाती है। उसकी आँखों में डर नहीं, बल्कि जिम्मेदारी थी। बुजुर्ग दादी का चेहरा देखकर लगता है जैसे वो सब कुछ समझ रही हों, पर चुप रहना बेहतर समझती हों। युवा जोड़े की चुप्पी में छिपा दर्द और छोटी बच्ची की हिम्मत ने दिल छू लिया। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे भावुक पल देखना हमेशा खास लगता है।