जब उसने शीशे में अपना खून देखा, तो सिर्फ चोट नहीं, बल्कि पूरा भरोसा टूट गया। संगीत की रानी में यह दृश्य दिल दहला देने वाला है। वह औरत जो कल तक सबकी माँ थी, आज बेघर हो गई। शीशे के टुकड़ों की तरह उसकी जिंदगी बिखर गई। दर्द सिर्फ माथे पर नहीं, आत्मा में है।
काले कोट वाली औरत की मुस्कान में जहर था। उसने हाथ मिलाया, लेकिन दिल में छुरा घोंपने की तैयारी थी। संगीत की रानी की कहानी बताती है कि कैसे लालच इंसान को जानवर बना देता है। वह आदमी भी उतना ही दोषी है जो चुपचाप सब देख रहा था। खून के रिश्ते भी आज बिक रहे हैं।
वो दो बच्चे जो बॉक्स लेकर खड़े थे, उन्हें पता भी नहीं कि उनकी दुनिया उजड़ रही है। संगीत की रानी में यह सबसे दुखद पहलू है। बड़े लोगों की लड़ाई में बच्चे सबसे ज्यादा अनाथ हो जाते हैं। उस लड़की की आँखों में डर साफ दिख रहा था। काश कोई उन्हें बचा पाता।
सीढ़ियों से गिरना सिर्फ एक एक्सीडेंट नहीं, इरादतन किया गया वार था। संगीत की रानी के इस मोड़ पर साँसें रुक गईं। वह आदमी जो सूट पहने था, उसने ही धक्का दिया या सिर्फ रास्ता छोड़ा? सवाल बहुत हैं, लेकिन जवाब कोई नहीं दे रहा। न्याय कहाँ गया?
जब वह फोटो फ्रेम जमीन पर गिरा और टूट गया, तो लगा जैसे पिछले सभी सुखद पल चकनाचूर हो गए। संगीत की रानी में यह प्रतीक बहुत गहरा है। परिवार की यादें अब सिर्फ कांच के टुकड़ों में कैद हैं। वह औरत अब उस घर की मालकिन नहीं, एक अजनबी बन गई है।