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राख से राज सिंहासन तकवां8एपिसोड

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राख से राज सिंहासन तक

समुद्र देव पोसाइडन का पुत्र एथन एक साधारण किसान की तरह रहता है, उसे यकीन दिलाया गया कि वह बेकार है। वह एक जंगी परीक्षा में शामिल होता है, हाथ में एक जंग लगा हुआ हल का फावड़ा लिए – जो असल में उसके पिता का छिपा हुआ त्रिशूल है। कुलीनों द्वारा अपमानित किए जाने पर, वह दैवीय शक्ति को उजागर करता है और कूड़े से किंवदंती बन जाता है। अपनी दिव्य विरासत को जगाकर, वह अपने दुश्मनों को कुचलता है और ओलिंपस के लिए प्रस्थान करता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

रहस्यमयी घंटी का संकेत

उस विशाल घंटी को देखकर ही रोंगटे खड़े हो गए। पानी के बीच में लटकी वह नीली क्रिस्टल वाली घंटी किसी श्राप जैसी लग रही थी। जब बिजली कड़की और वह घंटी पानी में डूब गई, तब लगा कहानी में बड़ा मोड़ आने वाला है। राख से राज सिंहासन तक की यह कड़ी सच में दिलचस्प थी। राजा की चिंता साफ दिख रही थी।

प्रेम और त्याग की कहानी

योद्धा और राजकुमारी के बीच का लगाव देखते ही बनती है। जब वह दोनों हाथ थामकर खड़े हुए, तो आंखों में आंसू आ गए। मुश्किल वक्त में साथ खड़ा होना ही सच्चा प्यार है। राख से राज सिंहासन तक में ऐसे भावुक पल बार बार दिल जीत लेते हैं। नीली पोशाक में राजकुमारी बेहद खूबसूरत लग रही थीं।

घमंडी युवक का अंत

वह सुनहरे बालों वाला युवक शुरू से ही अकड़ दिखा रहा था। जब वह हंसा था ना, तभी समझ गया था कि यह खलनायक वाला किरदार है। राजा के सामने भी उसकी हिम्मत देखकर हैरानी हुई। राख से राज सिंहासन तक के खलनायक हमेशा ऐसे ही घमंडी होते हैं। अंत में उसकी हार जरूर होगी, यह यकीन है।

राजा का गुस्सा और चिंता

सिंहासन पर बैठे राजा की आंखों में गुस्सा और चिंता दोनों साफ झलक रहे थे। जब वह खड़ा हुआ, तो लगा अब युद्ध शुरू होने वाला है। कवच पहने वह बहुत शक्तिशाली लग रहे थे। राख से राज सिंहासन तक में राजा का किरदार निभाने वाले कलाकार ने कमाल कर दिया। हर भावभंगिमा उत्कृष्ट थी।

डरावना राक्षस आ गया

अचानक वह विशाल राक्षस पर्दे पर आया तो चौंक गए। लाल आंखें और नुकीले दांत, बिल्कुल खतरनाक लग रहा था। योद्धा का उसका सामना करना आसान नहीं होगा। राख से राज सिंहासन तक में एक्शन दृश्यों की कमी नहीं है। विशेष प्रभाव भी काफी दमदार लगा मुझे इस बार।

पुजारी की चालबाजी

वह पुजारी जो हाथ में क्रिस्टल लिए खड़ा था, उस पर मुझे शक है। उसकी आंखों में कुछ छिपा हुआ था। शायद वह इस घंटी के रहस्य को जानता हो। राख से राज सिंहासन तक की कहानी में ऐसे कई राज छिपे हैं। अगली कड़ी में उसका असली चेहरा सामने आएगा जरूर।

माहौल में तनाव

पूरे प्रंगण में जो तनाव था, वह साफ महसूस किया जा सकता था। लोग डरे हुए थे और राजा गंभीर। जब बिजली कड़की तो माहौल और भी डरावना हो गया। राख से राज सिंहासन तक की छायांकन बहुत शानदार है। हर दृश्य को बहुत बारीकी से बनाया गया है।

साधारण योद्धा की हिम्मत

साधारण कपड़ों में वह योद्धा सबसे अलग लग रहा था। उसके कंधे पर त्रिशूल देखकर लगा वह कोई साधारण नहीं है। उसने राजकुमारी का हाथ नहीं छोड़ा। राख से राज सिंहासन तक में नायक का सफर देखने लायक है। वह कैसे राजा को चुनौती देगा, यह देखना बाकी है।

पानी में गायब रहस्य

जब वह घंटी पानी में गायब हुई, तो सब हैरान रह गए। शायद यह किसी नई शक्ति का संकेत है। नीला पानी और बिजली का असर जादुई लग रहा था। राख से राज सिंहासन तक में ऐसे काल्पनिक तत्व कहानी को रोचक बनाते हैं। अब आगे क्या होगा, यह जानने की उत्सुकता है।

साथ चलने का वादा

अंत में दोनों हाथ थामकर चलते हुए दिखाई दिए। यह दृश्य बहुत सुकून देने वाला था। मुश्किलों के बावजूद वह साथ हैं। राख से राज सिंहासन तक का यह दृश्य मेरा पसंदीदा हो गया। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का अनुभव भी बहुत अच्छा रहा बिल्कुल।