जब पोसीडन बिजली के घोड़ों के साथ आए, तो रोंगटे खड़े हो गए। यह दृश्य किसी बड़ी फिल्म से कम नहीं लग रहा था। राजकुमार की आंखों में डर साफ दिख रहा था। राख से राज सिंहासन तक में ऐसे एपिक सीन्स की उम्मीद नहीं थी। जादू की ढाल टूटते ही लगा कि अब सब खत्म हो गया, लेकिन असली खेल तो अब शुरू हुआ है। विशेष प्रभाव देखकर दंग रह गया।
उस लड़की की घबराहट सच में दिल को छू गई। जब वह दौड़ती हुई अपने प्रेमी के पास पहुंची, तो लगा सांस आई हो। फांसी के तख्ते से नीचे उतरते ही दोनों का गले मिलना बहुत इमोशनल था। राख से राज सिंहासन तक की कहानी में यह रिश्ता सबसे मजबूत लग रहा है। काश नेटशॉर्ट पर ऐसे ही सीन्स और भी हों।
जमीन पर बने उस नीले जादुई मंडल पर जब त्रिशूल गिरा, तो दरारें फैलती दिखाई दीं। यह संकेत है कि अब दुनिया बदलने वाली है। दो घुटनों के बल बैठे योद्धाओं की हालत देखकर तरस आया। राख से राज सिंहासन तक में जादू का इस्तेमाल बहुत क्रिएटिव तरीके से किया गया है। अंत में राजा की गुस्से वाली आंखें सब बता रही हैं।
बादलों के बीच से निकलता हुआ वह सुनहरा रथ किसी सपने जैसा लग रहा था। बिजली की कड़कड़ाहट के बीच राजा का अवतरण बहुत शानदार था। लोग डर के मारे झुक गए थे। राख से राज सिंहासन तक के इस हिस्से में पावर डायनामिक्स साफ दिखाई दिए। विशेष प्रभाव की क्वालिटी ने मुझे बांधे रखा।
उस बूढ़े जादूगर की आंखों में हार साफ झलक रही थी। जब बिजली की किरण ने उसे घेरा, तो लगा उसका अंत निकट है। लेकिन कहानी में अभी और ट्विस्ट बाकी हैं। राख से राज सिंहासन तक में विलेन का अंत इतना आसान नहीं होगा। उसकी चीख सुनकर कलेजा कांप गया। उसकी शक्तियां अब बेअसर होती दिख रही हैं।
ब्लॉन्ड बालों वाला युवा योद्धा जमीन पर बैठा ऊपर देख रहा था। उसके चेहरे पर डर था लेकिन हिम्मत भी। जब विशालकाय देवता प्रकट हुए, तो उसकी सांसें रुक गईं। राख से राज सिंहासन तक में इस किरदार का भविष्य बहुत रोचक होने वाला है। उसकी बॉडी लैंग्वेज सब कुछ कह रही थी।
फांसी के तख्ते पर लटके तीनों लोग जब नीचे गिरने के बजाय सुरक्षित खड़े हुए, तो हैरानी हुई। नीले रंग की रोशनी ने उन्हें बचा लिया। यह चमत्कार किसने किया, यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई। राख से राज सिंहासन तक में ऐसे ट्विस्ट बार-बार देखने को मिल रहे हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर लगातार देखने का मन कर रहा है।
जब वह रथ कोलोजियम के ऊपर मंडराया, तो लगा अब अंतिम युद्ध शुरू होगा। बीच में फव्वारा और चारों तरफ दीवारें बहुत भव्य लग रही थीं। राजा का नीचे उतरना और त्रिशूल पटकना खतरनाक संकेत है। राख से राज सिंहासन तक का क्लाइमेक्स बहुत धमाकेदार होने वाला है। सीट से उठने का मन नहीं हुआ।
युवा लड़के के आंसू और राजा का गुस्सा, दोनों का कंट्रास्ट बहुत गहरा था। एक तरफ मजबूरी थी तो दूसरी तरफ क्रोध। राख से राज सिंहासन तक में इमोशन्स को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। जब राजा की आंखें चमकीं, तो लगा अब कोई नहीं बचेगा। यह ड्रामा देखते बन रहा है।
त्रिशूल से निकलती हुई नीली रोशनी और बिजली का खेल देखकर लग रहा था कि प्रकृति भी डर गई है। जब वह जमीन पर गिरा, तो धूल उड़ गई। राख से राज सिंहासन तक में हथियारों को भी एक किरदार की तरह पेश किया गया है। यह वीडियो देखकर मैं पूरी सीरीज देखने के लिए मजबूर हो गया।