शुरू में ही इतनी हड़बड़ी देखकर दिल जोर से धड़कने लगा। पैसे और पासपोर्ट बैग में भरते हुए वो दोनों जिस तरह भागे, साफ़ था कि जान का खतरा था। फिर अस्पताल वाले सीन में घायल व्यक्ति को देखकर लगा कि मेरे एक्स का माफिया डैडी में ट्विस्ट बहुत गहरा है। उस नौजवान की चिंता साफ़ झलक रही थी। आखिर में गले मिलना बहुत इमोशनल था।
अस्पताल के कमरे की खामोशी और वो घायल हालत देखकर रोंगटे खड़े हो गए। जब उसने ड्रॉअर से वो काला डिब्बा निकाला, तो समझ आया कि कहानी में कुछ बड़ा छिपा है। मेरे एक्स का माफिया डैडी की ये लेटेस्ट एपिसोड सच में दिलचस्प है। दोनों के बीच की केमिस्ट्री और वो आखिरी गले मिलना देखकर आंखें नम हो गईं। सस्पेंस बना हुआ है।
वो काला मखमली डिब्बा और उसके अंदर की चीज़ देखकर हैरानी हुई। क्या ये कोई निशानी है या कोई राज़? घायल शख्स ने उसे सौंपते वक्त जो भावनाएं दिखाईं, वो लाजवाब थीं। मेरे एक्स का माफिया डैडी में ऐसे सीन्स ही तो जादू करते हैं। ब्लॉन्ड हेयर वाला लड़का भी बहुत मासूम लग रहा था। कहानी आगे क्या मोड़ लेगी, ये जानने की बेचैनी बढ़ रही है।
दोनों के बीच का बंधन बहुत गहरा लग रहा है। चाहे वो भागने वाला सीन हो या अस्पताल में मिलने वाला पल, हर जगह एक दूसरे की फिक्र साफ़ दिखी। मेरे एक्स का माफिया डैडी ने फिर से साबित कर दिया कि ये सीरीज सिर्फ एक्शन नहीं, इमोशन भी है। घायल व्यक्ति की मुस्कान और वो गले मिलना देखकर लगा कि प्यार जीत गया। बहुत खूबसूरत सीन था।
जब उसने टेबल से बंदूक उठाई, तो समझ गया कि मामला गंभीर है। फिर अस्पताल में वो सुरक्षा वाला इंसान और घायल हालत। मेरे एक्स का माफिया डैडी की कहानी में खतरा हर कदम पर है। फिर भी अंत में जो सुकून मिला, वो अनमोल था। एक्टिंग इतनी असली लगी कि मैं खुद को रोक नहीं पाया। ऐसे थ्रिलर देखने को मिलते हैं कम ही।
शुरू का सीन अंधेरे में था और अस्पताल वाला सीन रोशनी में। ये कंट्रास्ट बहुत गहरा असर छोड़ता है। मेरे एक्स का माफिया डैडी की सिनेमेटोग्राफी भी कमाल की है। जब उसने वो डिब्बा खोला, तो लगा जैसे कोई राज़ खुल गया हो। दोनों के बीच की खामोशी भी बहुत कुछ कह रही थी। देखने वाला हर पल कीमती है। बिल्कुल मिस नहीं करना चाहिए।
उस गले मिलने वाले सीन ने दिल जीत लिया। इतनी तकलीफ में भी वो एक दूसरे का सहारा बने रहे। मेरे एक्स का माफिया डैडी में इमोशनल ड्रामा सबसे बेस्ट है। घायल व्यक्ति ने जैसे ही उसे छुआ, सब दर्द भूल गया लगा। ऐसे पल ही तो हमें इस शो से जोड़ते हैं। उम्मीद है आगे और भी अच्छे सीन्स आएंगे। बहुत प्यारा लगा।
पैसे, पासपोर्ट और फिर अस्पताल। ये सब टुकड़े कैसे जुड़ेंगे? मेरे एक्स का माफिया डैडी का हर एपिसोड एक नया सवाल खड़ा कर देता है। उस काले डिब्बे ने तो और भी कन्फ्यूज कर दिया। क्या वो कोई तोहफा है या सबूत? ब्लॉन्ड लड़के के चेहरे पर चिंता साफ़ थी। कहानी बहुत पेचीदा होती जा रही है। देखने में मज़ा आ रहा है।
घायल होने के बाद भी जो अदाकारी दिखाई गई, वो काबिले तारीफ है। आंखों के इशारों से सब कुछ कह दिया। मेरे एक्स का माफिया डैडी के कलाकार सच में बहुत टैलेंटेड हैं। जब उसने वो डिब्बा दिया, तो बिना बोले सब समझ आ गया। ऐसे सीन्स बार-बार देखने को जी चाहता है। नेटशॉर्ट पर ऐसे कंटेंट की कमी नहीं है। बहुत प्रभावशाली था।
भागदौड़ से लेकर अस्पताल के सुकून तक, इस एपिसोड में सब कुछ था। मेरे एक्स का माफिया डैडी ने फिर से अपनी पकड़ मज़बूत कर ली है। वो काला डिब्बा और वो वादा देखकर लगा कि कहानी नए मोड़ पर है। दोनों के बीच का भरोसा टूटने वाला नहीं है। ऐसे ड्रामे देखकर ही दिन बनता है। अगले एपिसोड का बेसब्री से इंतज़ार रहेगा।