इस शो का शुरूआती दृश्य बहुत ही रहस्यमयी और डरावना था, जब सभी काले चोगे वाले पात्र एक पुरानी मोमबत्ती के चारों ओर गंभीरता से बैठे थे। मुझे लगा कि कोई बड़ा जादू या अनुष्ठान होने वाला है, लेकिन फिर अचानक पता चला कि यह सब टीवी स्क्रीन पर चल रहा था। नीले बालों वाले लड़के की बेरुखी और उबासियां देखकर मुझे बहुत हंसी आई। बुरी आत्माओं का ज़माना में ऐसे अप्रत्याशित ट्विस्ट बहुत मिलते हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं। डरावने माहौल के बीच कॉमेडी का तड़का लगाना सही लगा। काश हम भी जीवन में इतने बेफिक्र हो पाते।
फ्रेडी क्रूगर का किरदार हमेशा से ही दुनिया भर में सबसे डरावना रहा है, लेकिन यहां वह भी कुछ हद तक बेबस लग रहा था। जब वह अंधेरे कमरे में धीरे से आया तो मुझे लगा अब तो डर का माहौल होगा, पर लड़का तो मजे से सो गया। बुरी आत्माओं का ज़माना की कहानी में यह अनोखा मोड़ था जिसने सबका ध्यान खींचा। एनिमेशन की क्वालिटी भी काफी अच्छी है, खासकर अंधेरे दृश्यों में छाया का खेल। रात में अकेले देखने में मजा आएगा।
कंकाल वाला पात्र बहुत ही दिलचस्प था, उसके हावभाव देखकर लग रहा था कि वह सब कुछ जानता है और बाकियों से ज्यादा समझदार है। मोमबत्ती की टिमटिमाती रोशनी में सभी का चेहरा और भी डरावना लग रहा था। फिर अचानक आधुनिक कमरे का दृश्य आया जो चौंकाने वाला था। बुरी आत्माओं का ज़माना ने दर्शकों को उलझन में डाल दिया। मुझे यह प्लॉट बहुत पसंद आया क्योंकि यह सामान्य हॉरर से बिल्कुल अलग है।
नीले बालों वाले मुख्य किरदार की शांति देखकर हैरानी हुई। सामने इतने भयानक राक्षस बैठे हैं और उसे कोई फर्क नहीं पड़ रहा। शायद वह रोजाना ऐसे दृश्य देखता होगा या उसे आदत हो गई है। बुरी आत्माओं का ज़माना में किरदारों की गहराई अच्छी दिखाई गई है। वीडियो देखने का अनुभव नेटशॉर्ट ऐप पर काफी सरल और बेहतरीन था। ऐसे ही और एपिसोड की उम्मीद है।
शुरुआत में लगा कि यह कोई गंभीर मीटिंग है जहां दुनिया बचानी है या कोई बड़ा फैसला लेना है। लेकिन जब रिमोट से चैनल बदला गया तो सब कुछ बदल गया और हकीकत सामने आई। यह मेटा हॉरर कॉमेडी बहुत ही बेहतरीन और अनोखी है। बुरी आत्माओं का ज़माना का नाम सही ही रखा गया है क्योंकि हर कोई डरावना है। हर दृश्य में कुछ नया देखने को मिलता है। डर और हंसी का सही मिश्रण है यह।
बेडरूम का सीन बहुत ही रिलैक्सिंग और शांत था जब तक कि वह डरावना आदमी दरवाजे से नहीं आया। लड़के ने बिना डरे उसे देखा, यह उसकी बहादुरी है या पागलपन समझ नहीं आया। बुरी आत्माओं का ज़माना में ऐसे सीन बार-बार देखने लायक हैं और हर बार कुछ नया लगता है। लाइटिंग और साउंड इफेक्ट्स ने माहौल बनाए रखने में मदद की है। रात के समय देखने के लिए परफेक्ट है।
उस टेबल पर बैठे सभी पात्रों के डिजाइन बहुत यूनिक और कल्पनाशील थे। एक तरफ कंकाल था तो दूसरी तरफ पिशाच जैसा दिखने वाला जीव था। उनकी बातचीत सुनने को मन कर रहा था पर आवाज नहीं आई। बुरी आत्माओं का ज़माना की वर्ल्ड बिल्डिंग बहुत मजबूत लग रही है। मुझे यह जानने की उत्सुकता है कि आगे क्या होगा। कहानी में दम है और जोश है।
जब उसने रिमोट उठाया और चैनल बदला, तो लगा जैसे वह इन सब डरावने दृश्यों से ऊब चुका है। यह आधुनिक जीवन की थकान को बहुत गहराई से दर्शाता है। बुरी आत्माओं का ज़माना ने बहुत गहरी बात कही है बिना कुछ कहे। दृश्य बहुत ही तीक्ष्ण और स्पष्ट हैं। फोन पर देखने में कोई दिक्कत नहीं आती। बिल्कुल नया अनुभव है।
फ्रेडी वाले किरदार के पंजे बहुत ही डरावने और नुकीले लग रहे थे, क्लासिक हॉरर की याद दिला दिए। लेकिन लड़के की रिएक्शन नहीं होना सबसे बड़ा ट्विस्ट था जिसने सबको चौंका दिया। बुरी आत्माओं का ज़माना में पुराने किरदारों को नए अंदाज में दिखाया गया है। मुझे यह क्रिएटिविटी बहुत पसंद आई। ऐसे ही और सरप्राइज चाहिए।
अंत में जब वह लेट गया और ऊपर छत को देखने लगा, तो लगा कहानी अभी शुरू हुई है और असली खेल तो बाकी है। यह रहस्य बनाए रखने का अच्छा तरीका है। बुरी आत्माओं का ज़माना का हर एपिसोड उत्सुकता बढ़ाता है। कुल मिलाकर एक बेहतरीन लघु फिल्म अनुभव रहा। सभी को देखना चाहिए।