इस शो की शुरुआत ही इतनी रहस्यमयी है कि आप बिना पलक झपकाए देखते रह जाते हैं। कोहरे से ढके शहर और टूटी इमारतों का माहौल दिल दहला देता है। जब वह लड़की सामने आई तो रोंगटे खड़े हो गए। बुरी आत्माओं का ज़माना सच में डर का नया नाम है। पात्रों के बीच की चुप्पी भी कहानी कह रही थी। हर दृश्य में एक अलग ही तनाव है।
मैंने इतने भयानक राक्षस पहले कभी नहीं देखे। वह मांसपेशियों वाला सूअर इंसान सच में बहुत डरावना था। उसके हाथ में खूनी हथियार देखकर लग रहा था कि अब कुछ भी हो सकता है। चित्रण की गुणवत्ता भी जबरदस्त है। बुरी आत्माओं का ज़माना में ऐसे मोड़ बार-बार आते हैं जो आपको हैरान कर देते हैं। यह दृश्य बहुत ही तीव्र था।
उस लड़के की आंखों में एक अलग ही चमक थी जब उसने उंगली से इशारा किया। ऐसा लगा जैसे वह किसी शक्ति का इस्तेमाल कर रहा हो। उसके और बूढ़े आदमी के बीच का रिश्ता भी बहुत गहरा लग रहा था। कहानी आगे बढ़ने के साथ और भी रोचक होती जाएगी। बुरी आत्माओं का ज़माना देखने का मजा ही कुछ और है। मुझे यह किरदार बहुत पसंद आया।
सफेद कपड़ों वाली वह लड़की साधारण नहीं लग रही थी। उसके लंबे काले बाल और लाल आंखें किसी श्रापित आत्मा की निशानी थीं। जब वह राक्षस से भिड़ी तो पता चला कि वह कमजोर नहीं है। ऐसे दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। बुरी आत्माओं का ज़माना में हर किरदार की अपनी एक विशेषता है। उसकी शक्ति देखकर सब हैरान थे।
चारों तरफ फैली तबाही और मलबा देखकर लगता है कि यहां कोई बड़ी लड़ाई हुई थी। धूल और कोहरे ने पूरे माहौल को और भी डरावना बना दिया है। इन दो पात्रों को यहां क्या तलाश है? यह सवाल हर दृश्य के बाद उभरता है। बुरी आत्माओं का ज़माना में ऐसे रहस्य बनाए रखना आसान नहीं है। यह जगह बहुत वीरान लग रही थी।
जब वह राक्षस दहाड़ा तो पूरी इमारत हिल गई। उसकी ताकत के आगे सब कुछ फीका लग रहा था। लेकिन वह लड़की भी पीछे नहीं हटी। दोनों के बीच की लड़ाई देखने लायक थी। मारधाड़ और खौफ का ऐसा संगम आपको कम ही देखने को मिलेगा। बुरी आत्माओं का ज़माना सच में एक बेहतरीन अनुभव है। मुझे यह लड़ाई का दृश्य बहुत पसंद आया।
हर मोड़ पर कुछ नया और डरावना इंतजार कर रहा है। कभी सामने से भूत आता है तो कभी पीछे से राक्षस। दर्शक के रूप में आप भी इन पात्रों के साथ खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। यही इस शो की खासियत है। बुरी आत्माओं का ज़माना में डर को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। हर पल दिल की धड़कन बढ़ जाती है।
वह बूढ़ा आदमी बहुत अनुभवी लग रहा था। उसके चेहरे के भाव बता रहे थे कि वह इस खतरे को पहले भी देख चुका है। उसने जब उंगली उठाई तो लगा वह कोई आदेश दे रहा है। उसके और युवा साथी के बीच का तालमेल देखने योग्य है। बुरी आत्माओं का ज़माना के किरदार बहुत गहराई से लिखे गए हैं। उनका सहयोग बहुत अच्छा लगा।
ये खंडहर सिर्फ इमारतें नहीं हैं, बल्कि कई कहानियों का हिस्सा हैं। दीवारों पर लगे निशान और फैला मलबा सब कुछ बता रहा है। जब राक्षस ने दीवार तोड़ी तो लगा जैसे कोई राज खुल गया हो। ऐसे दृश्य प्रभाव ने कहानी को और भी जीवंत बना दिया। बुरी आत्माओं का ज़माना में हर बारीकरी मायने रखती है। सब कुछ बहुत असली लगा।
यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। राक्षस अभी भी खड़ा है और खतरा बना हुआ है। उन दोनों को अब क्या करना होगा, यह जानने के लिए मैं बेताब हूं। कहानी का हर पल आपको बांधे रखता है। अगर आप खौफ पसंद करते हैं तो बुरी आत्माओं का ज़माना जरूर देखें, यह निराश नहीं करेगा। अगली कड़ी कब आएगी।