नीली पोशाक और काली टोपी पहने इस महिला के चेहरे पर जो भाव हैं, वे हजारों शब्द कह जाते हैं। जब वह घुटनों पर बैठती है, तो लगता है कि नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी का कोई गहरा सच सामने आने वाला है। अभिनय इतना सटीक है कि सांस रुक सी जाती है।
अचानक कैदखाने का दृश्य आता है जहाँ एक महिला लाल वस्त्रों में बैठी है। यह मोड़ बिल्कुल अप्रत्याशित था। नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी की कहानी में यह दृश्य एक नया आयाम जोड़ता है। अंधेरा और सलाखों के पीछे का डर बहुत अच्छे से दिखाया गया है।
लाल पोशाक वाले युवक और नीली वर्दी वाली महिला के बीच की केमिस्ट्री देखने लायक है। उनकी आँखों में जो संवाद होता है, वह मौन रहकर भी शोर मचाता है। नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी के इस अंश में भावनाओं की गहराई को बहुत खूबसूरती से पकड़ा गया है।
इस दृश्य में पोशाकों का चयन कमाल का है। लाल रंग का रोयाल लुक और नीले रंग की गंभीरता कहानी के मूड को पूरी तरह सेट करती है। नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी के पात्रों की ड्रेसिंग उनकी पहचान बन गई है। हर बारीकी पर ध्यान दिया गया है जो एक मास्टरपीस बनाता है।
जब नीली पोशाक वाली महिला घुटनों पर बैठती है, तो लगता है कि कहानी में कोई बड़ा मोड़ आने वाला है। लाल वस्त्र वाले युवक का खड़ा रहना और उसकी प्रतिक्रिया देखना दिलचस्प है। नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी में यह दृश्य पावर डायनामिक्स को दर्शाता है।