उस ड्रैगन की आँखों में जो चमक थी, वो सच में बहुत डरावनी लग रही थी। जब उसने चेतावनी दी तो लगा कि अब कुछ बहुत बड़ा होने वाला है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे सीन देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। सेनापति की प्रतिक्रिया भी देखने लायक थी, कैसे उन्होंने तुरंत आदेश दिए। यह कार्यक्रम हर बार नया मोड़ लेता है। मुझे लगता है कि वो सुनहरा जीव किसी बड़ी ताकत का संकेत है। एनिमेशन की क्वालिटी भी काफी अच्छी लगी।
प्रमुख राहुल कपूर का किरदार बहुत प्रभावशाली लगा। उनकी आवाज़ में जो गंभीरता थी, उसने माहौल को और भी तनावपूर्ण बना दिया। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे नेता किरदार ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं। जब उन्होंने नाव भेजने का आदेश दिया, तो समझ गया कि खतरा सच है। दुश्मन पक्ष की हंसी के बीच यह गंभीरता और भी उभर कर सामने आई। मुझे उनकी वर्दी और मेडल बहुत पसंद आए।
वो सुनहरे बालों वाला खलनायक बहुत घमंडी लग रहा था। उसकी हंसी सुनकर गुस्सा आ रहा था कि कैसे वह खतरे को मजाक बना रहा है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे खलनायक हमेशा कहानी में दिलचस्पी बढ़ाते हैं। उसे नहीं पता कि आगे क्या होने वाला है। उसका अहंकार ही उसकी सबसे बड़ी कमजोरी लग रही है। मुझे जानना है कि जब सच सामने आएगा तो उसका क्या प्रतिक्रिया होगा। बस यही देखना है।
शुरुआत से ही जो तनाव बना रहा, वो कमाल का था। जब ड्रैगन ने खतरे की बात की, तो स्क्रीन पर जो कंपन था, वो महसूस हुआ। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसी कड़ियाँ देखकर नींद उड़ जाती है। सैनिकों की घबराहट और सेनापति का ठहराव, दोनों का संतुलन बहुत अच्छा था। मुझे लगता है कि अगली कड़ी में बड़ा युद्ध होने वाला है। यह श्रृंखला मुझे बहुत पसंद आ रही है।
युद्ध की तैयारी वाले सीन में जो रणनीति दिखाई गई, वो बहुत ही बेहतरीन थी। सभी नावों को तुरंत भेजने का आदेश सही लगा। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे मिलिट्री टैक्टिक्स देखकर मजा आता है। वायु रक्षा प्रणाली को सक्रिय करना भी एक बड़ा कदम था। मुझे यह देखकर अच्छा लगा कि वे लापरवाह नहीं हैं। दुश्मन की चाल को समझना जरूरी है।
पृष्ठभूमि में जो बैंगनी आसमान दिखा, वो बहुत ही रहस्यमयी लग रहा था। पूरा माहौल किसी दूसरी दुनिया जैसा था। (डबिंग) साँप की शुरुआत के दृश्यों पर कोई समझौता नहीं किया गया है। पहाड़ों और टूटी हुई जमीन का डिजाइन बहुत विस्तृत था। जब ड्रैगन बोला, तो उसके मुंह के हावभाव भी सही थे। ऐसे कार्यक्रम देखना एक अलग ही अनुभव है।
मुझे लगा था कि शायद यह झूठी खबर है, लेकिन सेनापति की गंभीरता ने सब बदल दिया। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे कथानक मोड़ हमेशा चौंकाते हैं। दूसरी तरफ वो नेता हंस रहा था, जो शायद बाद में पछताएगा। कहानी में यह द्वंद्व बहुत रोचक लग रहा है। कौन सच कह रहा है और कौन झूठ, यह जानना जरूरी है। मैं अगली कड़ी देखने के लिए बेताब हूं।
संवाद प्रस्तुति में जो दम था, वो कमाल का था। खासकर जब चेतावनी दी गई, तो हर शब्द वजनदार लगा। (डबिंग) साँप की शुरुआत की डबिंग इतनी अच्छी है कि असली लगता है। सैनिकों के बीच की बातचीत से स्थिति की गंभीरता समझ आई। मुझे यह पसंद है कि वे बिना समय बर्बाद किए कार्रवाई ले रहे हैं। भाषा का प्रयोग बहुत प्रभावशाली था।
इस दुनिया की संरचना बहुत ही अनोखी लगी। ज्वालामुखी द्वीप और पूर्वी समुद्र का जिक्र ने कहानी को गहराई दी। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे स्थान नाम सुनकर जिज्ञासा बढ़ती है। एस-श्रेणी के जानवरों का जिक्र भी डरावना था। मुझे लगता है कि यह दुनिया कई रहस्यों से भरी है। हर जगह खतरा छिपा हुआ लग रहा है। यह कल्पनाशील दुनिया मुझे बहुत भा रही है।
कुल मिलाकर यह कड़ी बहुत ही रोमांचक रही। हर सीन में कुछ नया देखने को मिला। (डबिंग) साँप की शुरुआत ने फिर से साबित कर दिया कि यह कार्यक्रम सर्वश्रेष्ठ है। पात्रों के बीच का संघर्ष और बाहर का खतरा, दोनों ही दिलचस्प हैं। मुझे यह कार्यक्रम नेटशॉर्ट अनुप्रयोग पर देखकर बहुत मजा आया। अब बस यही देखना है कि आगे क्या होता है। सभी को यह जरूर देखना चाहिए।