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(डबिंग) साँप की शुरुआतवां65एपिसोड

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(डबिंग) साँप की शुरुआत

राहुल कपूर अचानक एक ऐसे संसार में पहुँच जाता है जहाँ लोग पशु नियंत्रक हैं। वहाँ वह एक कमजोर और उपहास का पात्र “सर्प” बन जाता है, जिसे रिया मल्होत्रा भी नापसंद करती है। मौत के करीब पहुँचने पर वह अवशोषण विकास प्रणाली सक्रिय करता है और छाया भेड़िया जैसे जीवों को निगलते हुए लगातार विकसित होता है। धीरे-धीरे वह साधारण सर्प से शक्तिशाली नाग बनकर अंततः विश्व को भयभीत करने वाला महान ड्रैगन बन जाता है। वैश्विक पशु प्रलय और खतरनाक शत्रुओं के बीच, वह मानवता के साथ मिलकर लड़ता है और सर्वोच्च शक्ति।
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इस एपिसोड की समीक्षा

सेनापति का अहंकार

सेनापति का अहंकार देखकर रोमांच बढ़ गया है। उसकी आँखों में जीत की चमक साफ दिख रही है। नाग के सामने खड़ा होकर भी वह डरा नहीं है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसा आत्मविश्वास कम ही देखने को मिलता है। सैनिक भी उसके हुक्म का इंतज़ार कर रहे हैं। तलवार निकालते ही माहौल गर्म हो गया। क्या वाकई वह इस विशाल सांप को हरा पाएगा? यह जानने के लिए मैं बेचैन हूँ। पूरी कहानी में यह मोड़ बहुत अहम है।

नाग की भयानक बनावट

विशाल काले नाग की बनावट बहुत ही शानदार है। उसके सींग और आँखें डरावनी लग रही हैं। अंगरक्षक उसके आगे छोटे लग रहे हैं। (डबिंग) साँप की शुरुआत में विशेष प्रभावों का इस्तेमाल जबरदस्त है। पृष्ठभूमि में जगह का नज़ारा भी रहस्यमयी है। सेनापति की योजना खतरनाक लग रही है। क्या यह जानवर वाकई इतना ताकतवर है? हर दृश्य में एक नया सस्पेंस बना हुआ है। दर्शकों को यह पसंद आएगा।

सैनिकों की वफादारी

सैनिकों की वफादारी देखकर अच्छा लगा। वे बिना सवाल किए सेनापति के पीछे खड़े हैं। उनकी वर्दी और हथियार बहुत कुशल लग रहे हैं। (डबिंग) साँप की शुरुआत में सामूहिक कार्य को अच्छे से दिखाया गया है। सेनापति का आदेश मिलते ही वे तैयार हो गए। लाल तलवारें चमक रही हैं। अब बस हमला होने वाला है। यह युद्ध सीन देखने लायक होगा। उनकी तैयारी पूरी है।

दमदार संवाद

संवाद बहुत ही दमदार हैं। सेनापति जब बात करता है तो उसमें एक अलग ही वजन होता है। उसने दुनिया को दिखाने की बात कही है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में संवाद प्रस्तुति बहुत स्वाभाविक है। दुश्मन को कम आंकना उसकी गलती हो सकती है। नाग शांत खड़ा है पर खतरनाक लग रहा है। यह शांति तूफान से पहले की लग रही है। मुझे अगली कड़ी देखने की जल्दी है। कहानी आगे बढ़ेगी।

तनावपूर्ण माहौल

युद्ध के मैदान का माहौल बहुत ही तनावपूर्ण है। जमीन सूखी और टूटी हुई दिख रही है। आसमान में बैंगनी रंग का जादू है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में मंच सजावट पर बहुत मेहनत की गई है। सेनापति दूरबीन से सब देख रहा है। उसे लगता है कि जीत उसकी होगी। पर सामने वाला कोई साधारण दुश्मन नहीं है। यह मुकाबला बहुत बड़ा होने वाला है। माहौल गंभीर है।

तलवारबाजी का जलवा

सेनापति की तलवारबाजी देखकर मज़ा आ गया। उसने एक ही झटके में माहौल बदल दिया। सैनिक भी अपने हथियार लेकर तैयार खड़े हैं। (डबिंग) साँप की शुरुआत में युद्ध सजावट बहुत अच्छी है। वह चीखकर आदेश दे रहा है। उसकी आँखों में गुस्सा साफ दिख रहा है। अब वह पीछे नहीं हटने वाला है। यह लड़ाई यादगार बनने वाली है। सब देख रहे हैं।

अंगरक्षकों की ताकत

नाग के अंगरक्षक भी कम ताकतवर नहीं लग रहे हैं। वे दोनों तरफ खड़े होकर रक्षा कर रहे हैं। उनके कवच बहुत मज़बूत लग रहे हैं। (डबिंग) साँप की शुरुआत में विरोधी पक्ष भी मज़बूत दिखाई गई है। सेनापति उन्हें चुनौती दे रहा है। उसे अपनी ताकत पर बहुत घमंड है। क्या यह घमंड उसे हरा देगा? यह कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा है। टकराव होगा।

कथानक की चतुराई

कहानी में सस्पेंस बनाए रखना बहुत ज़रूरी है। यहाँ हर पल कुछ नया हो रहा है। सेनापति की योजना धीरे-धीरे सामने आ रही है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में कथानक बहुत चतुर है। वह चाहता है कि सब देखें। उसे शोहरत चाहिए। पर क्या कीमत चुकानी पड़ेगी? यह सवाल अभी बाकी है। दर्शक के रूप में मैं उलझन में हूँ कि कौन जीतेगा। रोमांच बना है।

चित्रण की गुणवत्ता

चित्रण की गुणवत्ता बहुत ही उच्च स्तर की है। पात्रों के चेहरे के भाव बहुत साफ दिख रहे हैं। सेनापति की मुस्कान में चालाकी है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में कलाकारी बहुत प्रशंसनीय है। रंगों का इस्तेमाल बहुत नाटकीय है। बैंगनी आसमान और काला नाग अच्छा विरोधाभास बना रहे हैं। यह दृश्य दावत है। आँखों को सुकून मिलता है।

धमाकेदार अंत

अंत में जब सेनापति दौड़ता है तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। वह सीधे खतरे की ओर बढ़ रहा है। उसके सैनिक भी पीछे हैं। (डबिंग) साँप की शुरुआत का अंत बहुत धमाकेदार होने वाला है। यह सिर्फ एक लड़ाई नहीं है। यह इज़्ज़त का सवाल बन गया है। मैं अगला भाग देखने के लिए बेताब हूँ। यह श्रृंखला मुझे बहुत पसंद आ रही है। मज़ा आ गया।