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(डबिंग) ठुकराया हुआ इक्कावां53एपिसोड

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(डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का

“योद्धा” अर्जुन नकाब उतारने की रस्म में गायब हो जाता है। माँ की अंतिम इच्छा से वह तीन साल तक मार्शल आर्ट्स छोड़कर बहन के साथ साधारण जीवन जीता है। प्रतियोगिता से पहले बहन हारने लगती है, अर्जुन छिपकर मदद करता है पर उसका मज़ाक उड़ता है। संकट में वह अपनी शक्ति दिखाकर दुश्मनों को हराता है, मगर पता चलता है कि उसका स्थान “प्रकाश मंडल” ने दुश्मनों को दे दिया। सच जानने के लिए वह चयन में उतरता है और अंत में उनके खतरनाक अध्यक्ष से भिड़ता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

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माँ के कातिल का सच

जब भाई ने जाना कि मुखौटा वाला शख्स ही उसकी माँ का कातिल है, तो गुस्सा सातवें आसमान पर था। तीन साल पहले की वो रात आज सामने आई। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में ऐसा मोड़ नहीं देखा था। एक्टिंग बहुत तगड़ी है, खासकर जब वो चिल्लाया कि आज मैं तुम्हें मार डालूंगा।

नकली महायोद्धा की पोल

असली योद्धा को देखकर नकली वाले की हंसी उड़ गई। उसने नाम का इस्तेमाल सिर्फ अपनी शोहरत के लिए किया था। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का की कहानी में ये धोखा बहुत गहरा है। विलेन का कॉस्ट्यूम और मास्क बहुत रहस्यमयी लग रहा था। पर अंत में सच सामने आ ही गया।

बहन का सपोर्ट

बहन ने जब भाई से पूछा कि क्या तुम सच में योद्धा हो, तो उसकी आंखों में उम्मीद थी। बाद में उसने कहा भाई मारो इस धोखेबाज को। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में रिश्तों की ये डोर बहुत प्यारी लगी। महिला किरदार की मजबूती भी देखने लायक है। बहुत इमोशनल सीन था।

तीन साल का इंतज़ार

विलेन ने कहा कि तीन साल में हमने बहुत कोशिश की तुम जैसे ताकतवर शरीर को ढूंढने की। ये डायलॉग रोंगटे खड़े कर देने वाला था। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में विलेन की प्लानिंग बहुत खतरनाक दिखाई गई है। भाई का रिएक्शन देखकर लग रहा था वो अभी फाड़ देगा।

बदले की आग

जब सच सामने आया कि माँ को मारा गया था ताकि वो खुद आ जाए, तो भाई का धैर्य टूट गया। बदले की आग साफ दिख रही थी। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में ऐसे सीन्स दिल पर भारी होते हैं। एक्टर ने गुस्से को बहुत अच्छे से व्यक्त किया है। फाइट शुरू होते ही मज़ा आ गया।

विलेन की घमंडी हंसी

मुखौटा पहने शख्स की हंसी बहुत झुंझला देने वाली थी। वो कह रहा था कि मैं अपने प्रकाश मंडल का नाम बड़ा कर सकता हूँ। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में विलेन का अहंकार चरम पर था। पर उसे नहीं पता था कि सामने कौन खड़ा है। अंत बहुत धमाकेदार होने वाला है।

असली पहचान

भाई ने पूछा तुम आखिर हो कौन और मेरा नाम क्यों इस्तेमाल कर रहे हो। ये सवाल बहुत जरूरी था। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में पहचान का ये संघर्ष बहुत गहराई से दिखाया गया है। असली ताकत नाम में नहीं, हुनर में होती है। ये बात इस सीन में साबित हुई।

फाइट सीन की शुरुआत

जैसे ही भाई ने मुक्का मारा, विलेन बचने की कोशिश करने लगा। एक्शन सीक्वेंस बहुत तेज़ रफ़्तार का था। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में मार्शल आर्ट्स का तड़का बहुत बढ़िया है। कमरे का माहौल भी लड़ाई के लिए सही था। पुरानी बिल्डिंग वाली वाइब आ रही थी।

धोखेबाज का अंत

बहन ने कहा भाई मारो इस धोखेबाज को। ये लाइन सुनकर लग गया कि अब कोई नहीं बचेगा। विलेन ने खुद ही अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में न्याय की जीत होने वाली है। मुझे ऐसे क्लाइमेक्स बहुत पसंद आते हैं जहाँ सच सामने आए।

इमोशनल रोलेरकोस्टर

पहले लगा भाई खुश है कि वो योद्धा है, फिर पता चला माँ के कातिल सामने हैं। इमोशनल रोलेरकोस्टर जैसा था। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का की स्क्रिप्ट बहुत मजबूत है। हर सीन में कुछ नया खुलासा हो रहा है। दर्शक बंधे रहते हैं अंत तक। बहुत बढ़िया वीडियो था।