बेंजामिन वुड की चालाकी देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। एक तरफ मोना को झूठा भरोसा दिला रहे हैं कि डायरेक्टर से उनकी अच्छी पहचान है, और दूसरी तरफ असली डायरेक्टर से फोन पर मोनिका की तारीफ कर रहे हैं। यह धोखा कितना गहरा है, यह तो वक्त ही बताएगा। डबिंग टूटे रिश्ते में ऐसे मोड़ देखकर दिमाग घूम जाता है।
मोनिका का शांत रहना और चाय पीते हुए बेंजामिन की बात सुनना एक गहरी रणनीति लगती है। वह जानती है कि बेंजामिन क्या खेल खेल रहा है, इसलिए वह सीधे डायरेक्टर से बात करती है। उसकी आंखों में गुस्सा नहीं, बल्कि एक ठंडा इरादा दिखाई देता है जो आने वाले तूफान का संकेत है।
मोना का रोना और यह कहना कि उसने किस सोचकर शादी की थी, दिल को छू लेता है। उसे अब एहसास हो रहा है कि बेंजामिन ने उसे कैसे इस्तेमाल किया है। उसकी कामयाबी को बर्दाश्त न कर पाना बेंजामिन की कमजोरी है, लेकिन मोना अब जाग चुकी है और बदला लेने के लिए तैयार है।
डायरेक्टर का मोनिका को सालाना मीटिंग में बड़ा सरप्राइज देने का वादा करना कहानी में नया मोड़ लाता है। लगता है कि बेंजामिन की चालाकी उल्टी पड़ने वाली है। मोनिका की मेहनत और जिम्मेदारी को पहचाना गया है, और अब बारी है बदले की। यह सीन देखकर रोमांच हो जाता है।
जॉन का फैक्ट्री डायरेक्टर के पास जाकर सबकी चुगली करना और मोना को नीचा दिखाने की कोशिश करना साजिश का हिस्सा लगता है। लेकिन क्या उसे पता है कि बेंजामिन असल में किसका साथ दे रहा है? यह धोखे का जाल कितना फैला है, यह देखना दिलचस्प होगा।