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औरतों पर खर्च करो, अरबपति बनोवां41एपिसोड

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औरतों पर खर्च करो, अरबपति बनो

रुद्र की गर्लफ्रेंड तारा ने अमीर अर्जुन के लिए उसे छोड़ दिया और उसका एक्सीडेंट करवा दिया। एक्सीडेंट के बाद उसे "सौ गुना वापसी" सिस्टम मिला। अब वह अमीर बन गया। उसकी मुलाकात चार लड़कियों — काव्या, प्रिया, अनुष्का और दिव्या से हुई। तारा और अर्जुन ने उसका मजाक उड़ाया, लेकिन असल में रुद्र ही उन्हें पाल रहा था। तारा को पछतावा हुआ, पर रुद्र ने उसे मौका नहीं दिया। चारों लड़कियाँ उसके लिए लड़ने लगीं। तब रुद्र ने कहा — "बच्चे चुनाव करते हैं, मैं सबको रखूंगा।" और वह चारों के साथ खुशी से रहने लगा।
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इस एपिसोड की समीक्षा

खौफनाक अंत

इस दृश्य में तनाव इतना ज्यादा है कि सांस रुक जाती है। काली शर्ट वाला व्यक्ति गुस्से में चिल्ला रहा है जबकि सफेद पोशाक वाली लड़की रो रही है। पीछे खड़ी महिला बेचारी कुछ कर नहीं पा रही। ऐसा लगता है जैसे कोई बड़ा बदला लिया जा रहा हो। औरतों पर खर्च करो, अरबपति बनो कार्यक्रम का यह एपिसोड दिल दहला देने वाला है।

गुस्से का पैमाना

काली शर्ट वाले की आंखों में जो आग है वो साफ दिख रही है। उसने जिस तरह से लड़की को धक्का दिया, वो देखकर गुस्सा आता है। नारंगी स्टूल पर बैठे व्यक्ति की हालत बहुत खराब है। कहानी में ऐसा मोड़ किसी ने सोचा होगा। औरतों पर खर्च करो, अरबपति बनो में ऐसे दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

मां का दर्द

पीली चेक वाली शर्ट वाली महिला की आंखों में आंसू देखकर बुरा लगा। वो अपनी बेटी को बचाने की कोशिश कर रही है लेकिन मजबूर है। यह शक्ति संतुलन बहुत गहरा है। इस मंच पर ऐसी सामग्री देखना अलग ही अनुभव है। औरतों पर खर्च करो, अरबपति बनो की कहानी बहुत पेचीदा होती जा रही है।

बदले की आग

जो व्यक्ति स्टूल पर है, उसका दर्द साफ झलक रहा है। दो लोग उसे पकड़े हुए हैं और वो चीख रहा है। सामने खड़ा व्यक्ति किसी बात का बदला ले रहा लगता है। सस्पेंस बना हुआ है कि आगे क्या होगा। औरतों पर खर्च करो, अरबपति बनो का अगला भाग कब आएगा?

बेचारी लड़की

सफेद पोशाक वाली लड़की कितनी डरी हुई है। उसकी आंखों में साफ दिख रहा है कि वो मदद चाहती है। काली शर्ट वाला उसे बिस्तर पर धकेल देता है। यह दृश्य बहुत ही अशांत करने वाला है। औरतों पर खर्च करो, अरबपति बनो में इतना नाटक उम्मीद से ज्यादा है।

ताकत का गलत इस्तेमाल

ताकतवर लोग कमजोरों पर हावी हो रहे हैं। यह दृश्य समाज की कड़वी सच्चाई दिखाता है। काली शर्ट वाले का व्यवहार बिल्कुल सही नहीं है। दर्शक के रूप में यह देखना मुश्किल है। औरतों पर खर्च करो, अरबपति बनो कार्यक्रम में ऐसे मुद्दे उठाने के लिए निर्माताओं को सलाम।

कहानी का मोड़

शुरू में लगा था सामान्य झगड़ा है, लेकिन बाद में पता चला यह तो बड़ी साजिश है। स्टूल वाला सीन बहुत ही अजीब और डरावना है। अभिनय बहुत स्वाभाविक लग रहा है। औरतों पर खर्च करो, अरबपति बनो की पटकथा बहुत मजबूत है। हर एपिसोड के बाद उत्सुकता बढ़ती है।

चीख और शोर

पूरे कमरे में शोर और चीखें गूंज रही हैं। कोई किसी की नहीं सुन रहा। बस गुस्सा और नफरत दिख रही है। यह माहौल बहुत भारी है। दृश्य देखते वक्त लग रहा था कि बस अब कुछ भी हो सकता है। औरतों पर खर्च करो, अरबपति बनो में ऐसा घटनाक्रम पहले नहीं देखा।

अधूरा सच

दृश्य के अंत में जारी रहेगा लिखा आता है जो और भी बेचैनी बढ़ाता है। हमें नहीं पता उस लड़की का क्या हुआ। काली शर्ट वाले की हंसी डरावनी थी। यह अधूरा अंत बहुत असरदार है। औरतों पर खर्च करो, अरबपति बनो का अगला भाग देखने का इंतजार नहीं हो रहा।

रिश्तों की डोर

इन तीनों के बीच का रिश्ता क्या है। मां, बेटी और वो व्यक्ति। सब कुछ बहुत उलझा हुआ है। भावनाएं चरम पर हैं। हर किरदार अपने आप में एक कहानी कह रहा है। औरतों पर खर्च करो, अरबपति बनो जैसे कार्यक्रम हमें सोचने पर मजबूर कर देते हैं। बहुत ही शानदार प्रस्तुति।