इस दृश्य में तनाव इतना गहरा है कि सांस रुक जाती है। वैज्ञानिक की मुस्कान और बंधी हुई लड़की की आंखों का डर एक अजीब विरोधाभास बनाता है। एशिया का सबसे बड़ा तलवारबाज वर्चस्व की जंग जैसे एक्शन से भरे शो के बाद यह साइकोलॉजिकल थ्रिलर देखना एक अलग ही अनुभव है। कमरे की नीली रोशनी और सिरिंज का क्लोज़ अप शॉट्स दर्शकों को बेचैन कर देते हैं। लड़की की चीखें और वैज्ञानिक की शांत आवाज़ के बीच का अंतर इस दृश्य को और भी डरावना बनाता है। यह दृश्य दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देता है कि इंसानियत कहां खो गई।