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एक मुक्का से आकाश जलानावां2एपिसोड

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एक मुक्का से आकाश जलाना

नायक दैवीय पुनर्जन्म है। बचपन में माता-पिता मारे गए, उसे पूर्वी क्षेत्र के प्रथम संप्रदाय को सौंप दिया गया। वृद्ध गुरु ने मरते समय उसकी सगाई संप्रदाय की राजकुमारी से कर दी। वर्षों बाद, नायक खुद को बेकार समझता था, अपनी प्रतिभा नहीं दिखाता था। जब उसकी मंगेतर उसके लिए बार-बार आगे आकर अपमानित हुई, तो उसने जोर लगाने का फैसला किया। संप्रदाय के अस्तित्व संकट में, नायक ने अंततः अपनी शक्ति विस्फोट कर दी...
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इस एपिसोड की समीक्षा

राजीव वर्मा का गुस्सा देखकर डर लग रहा था

राजीव वर्मा की आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। जब वह चिल्लाया, तो पूरा कक्ष कांप गया। लेकिन अनन्या वर्मा के आंसूओं ने सबका दिल पिघला दिया। एक मुक्का से आकाश जलाना में ऐसा ड्रामा पहले नहीं देखा। रोहन वर्मा भी बेचारा कुछ कर नहीं पाया। दृश्य बहुत भावुक था और दिल को छू गया।

अनन्या और उस लड़के का नाता देखकर रूह कांप गई

उस लड़के और अनन्या वर्मा के बीच का नाता देखकर रूह कांप गई। जब वह जमीन पर गिरा था, तो वह दौड़कर आई। एक मुक्का से आकाश जलाना की यह कहानी दिल को छू लेती है। राजीव वर्मा की सख्ती के बीच भी प्यार जीत गया। बहुत ही खूबसूरत अंदाज है और देखने में मजा आता है।

रोहन वर्मा की चुप्पी सबसे ज्यादा बोल रही थी

रोहन वर्मा का चेहरा देखकर लगा वह कुछ बोलना चाहता है पर डर रहा है। राजीव वर्मा का दबदबा ऐसा है कि कोई कुछ नहीं कह पा रहा। एक मुक्का से आकाश जलाना में ताकत का संतुलन बहुत दिलचस्प है। कपड़े और सजावट भी लाजवाब हैं। हर चीज बहुत सही जगह पर लगी हुई है।

बुजुर्ग की मौजूदगी में रहस्य था

सफेद कपड़ों वाले बुजुर्ग की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। वे सब देख रहे थे पर कुछ नहीं बोले। एक मुक्का से आकाश जलाना में यह किरदार रहस्यमयी लगता है। राजीव वर्मा के सामने भी उनकी गरिमा बनी हुई थी। सीन बहुत गहराई से बनाया गया है और सोचने पर मजबूर करता है।

गले लगने वाला दृश्य सबसे बेहतरीन था

जब अनन्या वर्मा ने उस घायल लड़के को गले लगाया, तो मैं भी रो पड़ा। इतना दर्द और इतना प्यार एक साथ। एक मुक्का से आकाश जलाना की यह कड़ी सबसे बेहतरीन है। राजीव वर्मा का गुस्सा भी उस पल फीका लग रहा था। अभिनय बहुत स्वाभाविक है और आंखों में नमी आ जाती है।

रोशनी और सजावट कमाल की थी

मंच सजावट और रोशनी कमाल की है। सूरज की किरणें खिड़की से आकर दृश्य को और भी नाटकीय बना रही थीं। एक मुक्का से आकाश जलाना में दृश्यों पर खास ध्यान दिया गया है। राजीव वर्मा का सुनहरा पोशाक बहुत जच रहा था। हर छवि एक तस्वीर जैसी है और देखने में बहुत अच्छा लगता है।

परिवार के अंदर की लड़ाई दर्दनाक थी

राजीव वर्मा और रोहन वर्मा के बीच की तनावपूर्ण स्थिति देखने लायक थी। लग रहा था कि बड़ा झगड़ा होने वाला है। एक मुक्का से आकाश जलाना में विवाद बहुत तेजी से बढ़ता है। अनन्या वर्मा ने बीच में आकर सब संभाला। कहानी में बहुत दम है और लोग इसे पसंद करेंगे।

संवाद बहुत दमदार और यादगार थे

संवाद बहुत दमदार थे। राजीव वर्मा जब बोले तो आवाज में वजन था। एक मुक्का से आकाश जलाना के संवाद यादगार हैं। घायल लड़के की चुप्पी भी बहुत कुछ कह रही थी। बिना बोले ही सब समझ आ गया। यह कला बहुत कम लोगों में होती है और यह इस शो की खासियत है।

रिश्तों की बारीकियां बहुत अच्छे से दिखाई गईं

परिवार के अंदर की यह लड़ाई बहुत दर्दनाक लग रही थी। रोहन वर्मा बेचारा बीच में फंस गया था। एक मुक्का से आकाश जलाना में रिश्तों की बारीकियां दिखाई गई हैं। अनन्या वर्मा की हिम्मत को सलाम है। उसने हार नहीं मानी। बहुत प्रेरणादायक दृश्य है और दिल को छू लेता है।

आगे क्या होगा इसका इंतजार नहीं हो रहा

यह दृश्य देखकर मैं सोच में पड़ गया कि आगे क्या होगा। एक मुक्का से आकाश जलाना ने फिर से दिल जीत लिया है। राजीव वर्मा का किरदार नकारात्मक है पर अभिनय शानदार है। अनन्या वर्मा और उस लड़के की जोड़ी बहुत प्यारी लगती है। जल्दी अगला भाग चाहिए और इंतजार नहीं हो रहा।