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इच्छा पूरी हुई, पूरा परिवार हैरानवां64एपिसोड

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इच्छा पूरी हुई, पूरा परिवार हैरान

देवी कलावती कमल दीप में बारह हज़ार साल से कैद थीं। पुनर्जन्म के बाद, उन्होंने शपथ के खामियों का फायदा उठाकर लालची वर्मा परिवार से बदला लेने का फैसला किया। कलावती इच्छाएँ पूरी कर सकती हैं। उन्होंने वर्मा परिवार की इच्छाओं को पूरा करते हुए धीरे-धीरे उनके लिए जाल बिछाया। क्या वर्मा परिवार के लोग इन इच्छाओं के पीछे की सच्चाई जान पाएंगे? क्या कलावती अपना बदला लेने में सफल हो पाएगी?
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इस एपिसोड की समीक्षा

लाल पोशाक का रौब

लाल पोशाक वाली महिला का रवैया वाकई बहुत शानदार है। वह बिना कुछ बोले ही सब पर हावी लगती है। जब उसने अपनी बाहें छाती पर बांधीं, तो लगा कि असली शक्ति वही है। इस कार्यक्रम में इच्छा पूरी हुई, पूरा परिवार हैरान वाला मोड़ बहुत अच्छा लगा। पिताजी का डरना और पुत्र का गिरना सब उसी के इशारे पर हो रहा है जैसे। बहुत ही दमदार किरदार निभाया है अभिनेत्री ने। देखने में बहुत मज़ा आ रहा है। हर पल नया लगता है।

गिरने का अंदाज

युवक का सीढ़ियों से गिरना बहुत ही हास्यप्रद था। वह संभलने की कोशिश कर रहा था लेकिन संतुलन खो बैठा। उसके सिर पर चोट लगना और फिर दर्द से कराहना असली लग रहा था। गुलाबी पोशाक वाली लड़की की नाक से खून आना भी चौंकाने वाला था। इच्छा पूरी हुई, पूरा परिवार हैरान कहानी में ऐसे हादसे ही रोमांच बढ़ाते हैं। सबके चेहरे के भाव देखने लायक थे। हास्य और नाटक का अच्छा मिश्रण है। दर्शक हंसते भी हैं और डरते भी हैं।

खामोश दावत

भोजन के दृश्य में तनाव साफ झलक रहा था। सब चुपचाप खाना खा रहे थे लेकिन माहौल भारी था। लाल पोशाक वाली महिला खड़ी होकर सबको देख रही थी जैसे कोई निगरानी कर रही हो। पिताजी का सिर झुका होना बता रहा था कि वे शर्मिंदा हैं। इच्छा पूरी हुई, पूरा परिवार हैरान वाले कथा में ऐसा भोज दृश्य बहुत प्रभावशाली होता है। हर किसी के चेहरे पर अलग कहानी लिखी थी। खामोशी शोर मचा रही थी। बहुत गहरा असर छोड़ता है।

पिता की पीड़ा

बुजुर्ग व्यक्ति की चिंतित आंखें सब कुछ कह रही हैं। वे कुछ बोलना चाहते हैं लेकिन हिचकिचा रहे हैं। उनकी पोशाक काली है जो उनके गंभीर स्वभाव को दर्शाती है। जब वे हाथ जोड़ते हैं तो लगता है कि वे माफ़ी मांग रहे हैं। इच्छा पूरी हुई, पूरा परिवार हैरान श्रृंखला में ऐसे पिता का किरदार बहुत जरूरी होता है। उनके अभिनय में दम है। दर्शक उनके दर्द को महसूस कर सकते हैं। यह किरदार दिल को छू लेता है।

चोट और मुस्कान

गुलाबी पोशाक वाली लड़की की हालत देखकर तरस आया। उसके माथे पर चोट और नाक से खून बह रहा था। फिर भी वह मुस्कुराने की कोशिश कर रही थी। यह विरोधाभास बहुत दिलचस्प था। शायद वह किसी बात को छुपाना चाहती है। इच्छा पूरी हुई, पूरा परिवार हैरान कहानी में ऐसे पात्रों की जरूरत होती है जो दर्द में भी हंसें। उसकी आंखों में आंसू थे लेकिन होठों पर मुस्कान। बहुत भावुक दृश्य था। दिल दहला देने वाला।

रंगों का खेल

वेशभूषा और सजावट बहुत ही शानदार है। प्राचीन काल का वातावरण बखूबी बनाया गया है। लालटेन और लकड़ी के खंभे बहुत सुंदर लग रहे हैं। हर पात्र के कपड़े उनके किरदार के अनुसार हैं। इच्छा पूरी हुई, पूरा परिवार हैरान निर्माण में ऐसे दृश्य देखने को मिलते हैं। रंगों का प्रयोग बहुत सही हुआ है। लाल और काले रंग का अंतर आंखों को चुभता है। कला निर्देशन बहुत प्रशंसनीय है। नज़ारा बहुत खूबसूरत है।

तेज रफ़्तार

कहानी की रफ़्तार बहुत तेज है। एक पल में हंसी और अगले पल में चोट लगना। दर्शक बंधे रहते हैं कि आगे क्या होगा। युवक और युवती के बीच की रसायन शास्त्र भी दिलचस्प है। इच्छा पूरी हुई, पूरा परिवार हैरान जैसे कार्यक्रम में ऐसा मोड़ उम्मीद नहीं होता। हर दृश्य में कुछ नया होता है। निर्देशक ने हर कोने से कहानी को पकड़ा है। बोरियत का नामोनिशान नहीं है। हर पल उत्सुकता बनी रहती है।

बिना बोले बात

संवाद बिना बोले ही कहे जा रहे हैं। चेहरे के हावभाव ही सब कुछ बता रहे हैं। जब युवक गिरता है तो सबकी आंखें फटी रह जाती हैं। यह चुप्पी शोर से ज्यादा असरदार है। इच्छा पूरी हुई, पूरा परिवार हैरान में ऐसे मौन दृश्य बहुत गहराई लाते हैं। अभिनेताओं की आंखों में जान है। वे बिना संवाद के भी दर्शकों से जुड़ पाते हैं। यह कला की बहुत ऊंची मिसाल है। खामोशी बोल रही है।

रिश्तों की खटास

परिवार के रिश्तों में खटास साफ दिख रही है। सब एक साथ हैं लेकिन अलग-थलग लग रहे हैं। खाने की मेज पर भी कोई बातचीत नहीं हो रही। लाल पोशाक वाली महिला सबको नियंत्रित कर रही है। इच्छा पूरी हुई, पूरा परिवार हैरान वाले विषय में ऐसा पारिवारिक कलह बहुत आम है। फिर भी सब एक छत के नीचे हैं। यह जटिलता देखने में बहुत रोचक लगती है। असली जीवन जैसा लगता है। रिश्ते बहुत पेचीदा हैं।

अंत की उत्सुकता

अंत में सबके घायल चेहरे देखकर हैरानी हुई। कैसे सब एक साथ मुसीबत में फंस गए। युवक का सिर, लड़की की नाक, सबका दर्द एक जैसा है। इच्छा पूरी हुई, पूरा परिवार हैरान कहानी का यह चरमोत्कर्ष लग रहा है। अब आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। इस मंच पर ऐसी सामग्री मिलना सुखद है। मैं अगला भाग देखने का इंतजार नहीं कर सकता। बहुत बढ़िया काम है। सबको देखना चाहिए।