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असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंदवां30एपिसोड

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असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद

स्नातक के दिन पुनर्जन्म लेकर, इस घर की असली बेटी अपनी कपटी बहन के दिए नकली कंगन को देखकर बस मुस्कुरा दी। पिछले जन्म में, इसी धोखे के कारण उसके अपने ही माता-पिता और सगे भाई ने उससे घृणा की थी, और भाई ने उसे अमानवीय यातनाएं देकर तबाह कर दिया था। लेकिन अब पासा पलट चुका है! इस नए जन्म में, वह अपना हक मांगने नहीं, बल्कि उस निर्दयी परिवार को पूरी तरह से बर्बाद करने आई है। क्या एक ठुकराई हुई बेटी अपने ही खून से इस खौफनाक प्रतिशोध को पूरा कर पाएगी?
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इस एपिसोड की समीक्षा

बेचारी लड़की फंस गई

इस ड्रामे में जो लड़की बेरेट पहने थी वह बेगुनाह लग रही थी लेकिन पुलिस ने उसे ही पकड़ लिया। रिपोर्टर्स के बीच खड़ी होकर उसका चेहरा देखकर दिल दहल गया। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में ऐसे ट्विस्ट देखकर मजा आ गया। ग्रे ब्लेजर वाली महिला की चालाकी साफ दिख रही थी।

कारोबारी औरत का खेल

काले कपड़ों वाली महिला ने फोन चेक किया और सब कुछ शांति से देखा। लगता है यह सब उसकी योजना थी। सुरक्षा गार्ड और पुलिस का आना पहले से तय था। इस शो असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में सत्ता का खेल बहुत तेज है। हर किसी के चेहरे पर अलग भाव थे।

पुलिस की एंट्री धमाकेदार

जब पुलिस ने आकर उस मासूम सी लड़की को हथकड़ी लगाई तो सब हैरान रह गए। भूरे कोट वाला व्यक्ति जमीन पर गिरा हुआ था और शोर मच रहा था। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद की कहानी में यह सबसे बड़ा मोड़ था। माहौल बहुत तनावपूर्ण हो गया था।

रिपोर्टर्स का हंगामा

माइक लेकर खड़ी भीड़ ने उस लड़की को घेर लिया था। टेनसेंट और कुआइशौ के लोग सवाल पूछ रहे थे। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में मीडिया का रोल बहुत अहम है। सच क्या है यह किसी को नहीं पता। बस शोर ही शोर था चारों तरफ।

ग्रे ब्लेजर वाली की मुस्कान

अंत में उस महिला ने जो मुस्कान दी वह बहुत मायने रखती है। उसे पता था कि सब कुछ उसकी योजना के अनुसार हो रहा है। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में विलेन कौन है यह साफ हो गया। उसकी आंखों में चमक देखकर डर लगा।

जमीन पर गिरा आदमी

भूरे कोट वाला व्यक्ति अचानक बेहोश हो गया या उसे गिराया गया। यह दृश्य बहुत नाटकीय था। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में हर किरदार का अपना मकसद है। उसकी हालत देखकर तरस आ रहा था। सब लोग उसे घूर रहे थे।

ऑफिस का माहौल खराब

कॉर्पोरेट इमारत में ऐसा हंगामा कम ही देखने को मिलता है। कांच के दरवाजे और लोग भागते हुए। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद की सेटिंग बहुत वास्तविक लग रही थी। सुरक्षा कर्मियों ने सब को संभाला। बहुत बड़ा स्कैंडल लगता है।

बेरेट वाली की कहानी

उस लड़की की आंखों में डर साफ दिख रहा था जब पुलिस उसे ले गई। उसने कुछ कहा भी नहीं बस चुपचाप चली गई। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में उसका किरदार बहुत मासूम लग रहा था। क्या वह सच में दोषी थी?

फोन वाला सीन

काले कपड़ों वाली महिला ने फोन देखा और फिर सब हुआ। शायद उसने कोई संदेश भेजा था। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में तकनीक का इस्तेमाल चालाकी से हुआ है। उसका चेहरा पत्थर जैसा था। कोई हिलजुल नहीं हुई।

अंत बहुत चौंकाने वाला

पूरा किस्सा देखकर लगता है कि असली खेल तो अब शुरू होगा। पुलिस ले गई लेकिन सच क्या है यह कोई नहीं जानता। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद का अगला भाग देखने को बेताब हूं। सब कुछ उलट पलट गया है।