जब माँ ने बच्चे को जन्म दिया तो उसका दर्द देखकर दिल दहल गया। नर्स ने जैसे ही बच्चा दिया, खुशी छा गई। लेकिन अल्फा की रखी हुई औरत में ऐसा मोड़ कोई नहीं सोच सकता था। फर कोट वाली ने बच्चे को छीन लिया और माँ रोती रह गई। यह दृश्य बहुत ही दिल दहला देने वाला था और दर्शकों को बांधे रखता है।
एल्फा एडवर्ड चैंबर्स की एंट्री ने कहानी में नया मोड़ दे दिया। वह बाहर खड़े होकर बच्चे को देख रहे थे। ससुर के रूप में उनका व्यवहार थोड़ा संदेह पैदा करता है। अल्फा की रखी हुई औरत की कहानी में परिवार का दखल बहुत ज्यादा है। क्या वह बच्चे को ले जाएंगे? यह सवाल हर किसी के मन में उठ रहा है। क्लासिक नाटक दृश्य है।
अस्पताल के उस कमरे में जो हुआ वह किसी बुरे सपने जैसा था। माँ के हाथों से बच्चा छीना गया और वह बेबस होकर देखती रही। फर कोट वाली को कोई रोक नहीं रहा था। अल्फा की रखी हुई औरत में सत्ता संतुलन साफ दिखाई देते हैं। अमीर और गरीब का यह खेल बहुत गहरा है। देखकर गुस्सा आ रहा है।
जब पति डॉक्टर के पास भागता हुआ आया तो उसकी आँखों में चिंता साफ दिख रही थी। उसे नहीं पता था कि अंदर क्या हो रहा है। अल्फा की रखी हुई औरत में हर किरदार की बेचैनी महसूस की जा सकती है। क्या वह अपनी पत्नी और बच्चे को बचा पाएगा? यह जानने के लिए हम बेताब हैं। अभिनय बहुत स्वाभाविक लगा।
फर कोट वाले का अंदाज देखकर लग रहा था कि वह सब कुछ खरीद सकती है। उसने बिना किसी हिचकिचाहट के बच्चे को अपनी बाहों में ले लिया। माँ की चीखें उसने नहीं सुनीं। अल्फा की रखी हुई औरत में खलनायक का किरदार बहुत मजबूत है। उसकी लालिमा और क्रूरता देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। बहुत ही शानदार नकारात्मक भूमिका है।
अस्पताल के गलियारे और कमरे की सजावट बहुत असली लग रही थी। नीली चादरें और सफेद दीवारें तनाव को बढ़ा रही थीं। अल्फा की रखी हुई औरत में मंच सजावट पर खासा ध्यान दिया गया है। जब माँ चिल्ला रही थी तो आवाजें गूंज रही थीं। यह माहौल दर्शकों को कहानी में खींच लाता है। तकनीकी पक्ष बहुत मजबूत है।
माँ और बच्चे के बीच का बंधन टूटता देख बहुत दुख हुआ। वह पल जब नर्स ने बच्चा दिया और फिर छीन लिया गया, वह दिल तोड़ने वाला था। अल्फा की रखी हुई औरत में भावनात्मक नाटक चरम पर है। आँसू रोकना नामुमकिन हो जाता है ऐसे दृश्यों में। अभिनेत्री ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है।
एडवर्ड चैंबर्स को पैक का मुखिया बताया गया है। उनकी शक्ति और रौब देखकर लगता है कि वे कानून से ऊपर हैं। अल्फा की रखी हुई औरत में सत्ता का दुरुपयोग दिखाया गया है। क्या कोई उनकी ताकत को चुनौती दे पाएगा? यह सवाल कहानी को आगे बढ़ाता है। किरदार की गहराई बहुत अच्छी है।
नर्स के चेहरे पर मुस्कान थी जब वह बच्चा लेकर आई। लेकिन उसे शायद नहीं पता था कि आगे क्या होने वाला है। अल्फा की रखी हुई औरत में छोटे किरदार भी महत्वपूर्ण हैं। उसने बच्चा सौंपा और चली गई। उसकी बेखबरी भी एक तरह का दर्द देती है। सभी कलाकारों ने अपना काम अच्छे से किया है।
नौ महीने बाद का सीन देखकर लगा कि अब सब ठीक होगा। लेकिन कहानी में ऐसा उतार चढ़ाव कोई नहीं चाहता था। अल्फा की रखी हुई औरत में हर एपिसोड में नया झटका मिलता है। दर्शक बस देखते रह जाते हैं। यह रोमांचक और नाटक का बेहतरीन मिश्रण है। नेटशॉर्ट पर देखने का मजा आ गया।