नाश्ते की मेज पर तनाव साफ दिख रहा था। गुलाबी ट्रैकसूट वाली बेटी की आँखों में सवाल थे और सामने बैठे पिता जी का रवैया सख्त लग रहा था। बीच में माँ शांत रहने की कोशिश कर रही थी लेकिन माहौल गर्म था। अल्फा की रखी हुई औरत में ऐसे परिवारिक झगड़े दिलचस्प लगते हैं। हर डायलॉग के पीछे कोई राज छिपा है जो धीरे धीरे खुल रहा है और दर्शक को बांधे रखता है। यह शो देखने में बहुत मजा आता है।
अस्पताल वाले दृश्य में महिला के चेहरे पर जो खुशी थी वह अब नाश्ते की मेज पर गायब थी। शायद उसने कोई बड़ा फैसला लिया है या कोई सच सामने आने वाला है। अल्फा की रखी हुई औरत की कहानी में भावनात्मक उतार चढ़ाव बहुत गहरे हैं। बेटी का गुस्सा और माँ की चुप्पी सब कुछ बता रही है कि घर में शांति नहीं है। यह देखना रोचक होगा कि आगे क्या होता है।
कमरे में तोहफे का डिब्बा देखकर लग रहा है कि कोई सरप्राइज प्लान किया गया है। लेकिन जब वह महिला दरवाजे पर आई तो माहौल फिर से बदल गया। अल्फा की रखी हुई औरत में हर मोड़ पर नया ट्विस्ट आता है। लड़की की मुट्ठी भींचने का इशारा साफ बता रहा है कि वह नाराज है। रिश्तों की यह कशमकश बहुत असली लगती है और दर्शक को अपने साथ जोड़े रखती है।
सफेद शर्ट वाले पति की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। वह कुछ बोल नहीं रहे थे लेकिन उनकी आँखें सब कुछ कह रही थीं। अल्फा की रखी हुई औरत में किरदारों की बॉडी लैंग्वेज बहुत मजबूत है। काले सूट वाले व्यक्ति का अचानक आना और फिर चले जाना भी कोई संकेत दे रहा था। ऐसा लगता है कि इस घर में कई राज दबे पड़े हैं जो जल्द फटने वाले हैं।
गुलाबी पोशाक वाली महिला की आँखों में डर और उम्मीद दोनों झलक रहे थे। जब वह बेटी के पास गई तो लगा कि वह मनाने की कोशिश कर रही है। अल्फा की रखी हुई औरत में रिश्तों की नाजुक डोर को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। हर सीन में एक नया रंग है जो कहानी को आगे बढ़ाता है। दर्शक को हर पल यह लगता है कि अब क्या होने वाला है।
नाश्ते की मेज पर खाने से ज्यादा बातें परोसी जा रही थीं। हर शब्द में तल्खी थी और हर नजर में शक। अल्फा की रखी हुई औरत की पटकथा बहुत मजबूत लग रही है। लड़की का व्यवहार बता रहा है कि उसे कुछ बातें पता चल गई हैं। अब सवाल यह है कि वह आगे क्या कदम उठाएगी। यह ड्रामा देखने में बहुत मजा आ रहा है और हर एपिसोड नया है।
बेडरूम वाले सीन में रोशनी का खेल बहुत खूबसूरत था। धूप की किरणें और गुलाबी कपड़े का मेल आंखों को सुकून दे रहा था लेकिन कहानी में तनाव बना हुआ था। अल्फा की रखी हुई औरत में विजुअल्स भी कहानी कहते हैं। महिला का दरवाजे पर खड़ा होना और लड़की का बिस्तर पर बैठना एक टकराव की तैयारी लग रहा था। यह दृश्य बहुत यादगार बन गया है।
उस व्यक्ति ने जब चाय का कप रखा तो लगा कि वह बहस शुरू करने वाला है। लेकिन उसने चुप रहना बेहतर समझा। अल्फा की रखी हुई औरत में संवादों से ज्यादा खामोशी बोलती है। परिवार के बीच का यह ठंडा युद्ध देखने में बहुत तीखा लग रहा है। हर किरदार अपने आप में एक पहेली है जिसे सुलझाना मुश्किल हो रहा है। कहानी की रफ्तार बहुत सही है।
बेटी के गले में पहना हार और उसके कपड़े बहुत अमीराना लग रहे थे। शायद यह किसी बड़े घर की कहानी है जहां पैसों से ज्यादा रिश्ते की अहमियत है। अल्फा की रखी हुई औरत में जीवनशैली का प्रदर्शन भी बहुत शानदार है। लेकिन अंदरूनी खिचड़ी कुछ और ही बता रही है। बाहर से सब ठीक लगता है लेकिन अंदर तूफान चल रहा है जो जल्द बाहर आएगा।
अंत में जब महिला ने दरवाजा खोला तो लगा कि अब आमना सामना होगा। लड़की का गुस्सा साफ दिख रहा था और वह कुछ कहने वाली थी। अल्फा की रखी हुई औरत का क्लाइमेक्स हर सीन में बना रहता है। यह शो देखने के बाद मन में कई सवाल उठते हैं। क्या सच सामने आएगा या राज दबा रहेगा। यह जानने के लिए अगला एपिसोड देखना जरूरी हो गया है।