PreviousLater
Close

कथानक सार

Top attorney Alexander Hale ne kabhi case nahi haara, lekin asal mein woh apni poori earning Hale Justice Foundation ko dete hain. 20 saal pehle ek innocent aadmi ko bachane ke baad gangsters ne unhe 10 saal tak shikaar kiya, aur unki wife guzar gayi. 20 saal baad, Victor Blackwood ne Clara Hale aur uske husband ko torture kiya. Hale defense chhod kar plaintiff ban gaye aur betray karne wale protégé Ethan Reynolds ke khilaf lade.
  • Instagram

सुझाव

नए ड्रामा सबसे पहले देखें

इस एपिसोड की समीक्षा

नवीनतम

गुस्से का खूनी नतीजा

गुलाबी कोट वाला शख्स जब गुस्से में आता है तो सब कुछ तबाह हो जाता है। पीली ड्रेस वाली महिला की हालत देखकर दिल दहल गया। न्याय का मोल नहीं में इतनी हिंसा पहले कभी नहीं देखी। रेस्टोरेंट का माहौल अचानक नरक बन गया।

गर्भवती महिला पर हमला

क्या कोई इंसान इतना क्रूर हो सकता है? गर्भवती महिला को जमीन पर गिराकर लात मारना बेहद दर्दनाक दृश्य था। न्याय का मोल नहीं के इस एपिसोड ने रूह कंपा दी। उस आदमी की चीखें अभी भी कानों में गूंज रही हैं।

पावर का गलत इस्तेमाल

ताकतवर लोग कमजोरों पर कैसे अत्याचार करते हैं, यह दृश्य उसी का सबूत है। दो गुंडों ने मिलकर एक बेचारे को पकड़ रखा था। न्याय का मोल नहीं में दिखाया गया यह अन्याय सहन नहीं होता। किसी को भी ऐसा नहीं करना चाहिए।

खून से सने हाथ

गुलाबी कोट वाले के हाथों पर खून देखकर डर लग रहा था। उसकी हंसी और भी डरावनी थी। न्याय का मोल नहीं का यह सीन बहुत ही तीव्र था। रेस्टोरेंट की सजावट और यह हिंसा बिल्कुल विपरीत लग रही थी।

मदद के लिए आया शख्स

कार वाला शख्स जब फोन करता है तो उम्मीद जगती है। शायद अब कुछ होगा। न्याय का मोल नहीं में यह ट्विस्ट बहुत जरूरी था। उसकी चिंतित आंखें सब कुछ बता रही थीं। क्लारा से संपर्क न हो पाना और भी तनाव बढ़ाता है।

दर्दनाक चीखें

जब उस आदमी को गरम तवे पर हाथ रखा गया तो उसकी चीखें दिल दहला देने वाली थीं। न्याय का मोल नहीं में इतनी क्रूरता देखकर हैरानी हुई। गुलाबी कोट वाला शख्स इतना निर्दयी कैसे हो सकता है?

महिला का संघर्ष

पीली ड्रेस वाली महिला जमीन पर पड़ी हुई थी लेकिन हार नहीं मान रही थी। उसकी आंखों में आंसू और चेहरे पर खून था। न्याय का मोल नहीं में उसका संघर्ष देखकर सम्मान आया। वह बहुत बहादुर है।

रेस्टोरेंट का भयानक दृश्य

साफ-सुथरा रेस्टोरेंट अचानक खून से सन गया। टेबल पर गिरे कांच के टुकड़े और जमीन पर पड़ा खून। न्याय का मोल नहीं का यह सीन बहुत ही स्पष्ट था। खाने की जगह पर इतनी हिंसा सहन नहीं होती।

गुंडों का आतंक

दो गुंडे मिलकर एक बेचारे आदमी को पकड़ रहे थे। उनकी ताकत के आगे वह बेचारा कुछ नहीं कर पा रहा था। न्याय का मोल नहीं में दिखाया गया यह गुंडागर्दी का मंजर बहुत ही दुखद था।

बचाने की कोशिश

जब महिला उस आदमी को गले लगाती है तो लगता है शायद सब ठीक हो जाएगा। न्याय का मोल नहीं में यह भावुक पल बहुत अच्छा लगा। लेकिन गुलाबी कोट वाला शख्स फिर से आ जाता है।