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पूर्ण एपिसोडJustice Ka Mol Nahi
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Justice Ka Mol Nahi वां3एपिसोड

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कथानक सार

Top attorney Alexander Hale ne kabhi case nahi haara, lekin asal mein woh apni poori earning Hale Justice Foundation ko dete hain. 20 saal pehle ek innocent aadmi ko bachane ke baad gangsters ne unhe 10 saal tak shikaar kiya, aur unki wife guzar gayi. 20 saal baad, Victor Blackwood ne Clara Hale aur uske husband ko torture kiya. Hale defense chhod kar plaintiff ban gaye aur betray karne wale protégé Ethan Reynolds ke khilaf lade.
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इस एपिसोड की समीक्षा

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रेस्तरां में खून की नदी

जब गुस्सा काबू से बाहर हो जाए तो माहौल बदल जाता है। गुलाबी जैकेट वाले शख्स ने वाइन की बोतल तोड़कर सबको चौंका दिया। जस्टिस का मोल नहीं में ऐसे दृश्य दिल दहला देते हैं। लड़की की आंखों में डर साफ दिख रहा था।

गुस्से का अंजाम

एक छोटी सी गलती ने पूरे रेस्तरां का माहौल खराब कर दिया। पीले ड्रेस वाली लड़की ने फोन उठाया तो पता चला कि सब कुछ गलत हो गया। जस्टिस का मोल नहीं में ऐसे मोड़ देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

टूटा हुआ फोन

फोन टूटने के बाद लड़की की हालत देखकर लगता है कि सब कुछ खत्म हो गया। गुलाबी जैकेट वाले ने जो किया वो बिल्कुल सही नहीं था। जस्टिस का मोल नहीं में ऐसे सीन दिल तोड़ देते हैं।

डर का साया

लड़की की आंखों में डर और गुस्से का मिश्रण साफ दिख रहा था। जब गुलाबी जैकेट वाला उसके करीब आया तो लगा कि अब कुछ भी हो सकता है। जस्टिस का मोल नहीं में ऐसे पल यादगार बन जाते हैं।

खूबसूरत ब्रेसलेट

लड़की के हाथ में चमकता हुआ ब्रेसलेट सबका ध्यान खींच रहा था। लेकिन जब गुलाबी जैकेट वाले ने उसे छीना तो लगा कि अब कुछ भी हो सकता है। जस्टिस का मोल नहीं में ऐसे डिटेल बहुत मायने रखते हैं।

गुस्से की आग

गुलाबी जैकेट वाले के चेहरे पर गुस्सा साफ दिख रहा था। जब उसने लड़की को पकड़ा तो लगा कि अब कुछ भी हो सकता है। जस्टिस का मोल नहीं में ऐसे सीन दिल दहला देते हैं।

रेस्तरां का माहौल

शुरुआत में रेस्तरां का माहौल बहुत शांत था, लेकिन फिर सब कुछ बदल गया। जस्टिस का मोल नहीं में ऐसे ट्विस्ट देखकर लगता है कि अब कुछ भी हो सकता है। लड़की की हालत देखकर दिल दहल गया।

टूटी हुई बोतल

वाइन की बोतल टूटने के बाद सब कुछ बदल गया। गुलाबी जैकेट वाले ने जो किया वो बिल्कुल सही नहीं था। जस्टिस का मोल नहीं में ऐसे सीन दिल तोड़ देते हैं। लड़की की आंखों में डर साफ दिख रहा था।

डर का पल

लड़की की आंखों में डर और गुस्से का मिश्रण साफ दिख रहा था। जब गुलाबी जैकेट वाला उसके करीब आया तो लगा कि अब कुछ भी हो सकता है। जस्टिस का मोल नहीं में ऐसे पल यादगार बन जाते हैं।

गुस्से का अंत

गुलाबी जैकेट वाले के चेहरे पर गुस्सा साफ दिख रहा था। जब उसने लड़की को पकड़ा तो लगा कि अब कुछ भी हो सकता है। जस्टिस का मोल नहीं में ऐसे सीन दिल दहला देते हैं। सब कुछ बदल गया।