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कथानक सार

Isha, apne pati ko kho kar akeli ho jaati hai. Paisa kamane ke liye woh Thakur Dev ke ghar naukarani banne jaati hai. Dev se ek saal pehle mandir mein mili thi, lekin ab woh use pehchaan leta hai aur baar baar uski sachchai jaanne ki koshish karta hai. Ghar mein doosri naukaraniyaan aur rishtedaar Isha ko pareshan karte hain. Ek din Isha Dev ki jaan bachati hai, tab sach saamne aata hai. Kya Isha aur Dev apna pyaar wapas pa payenge? Kya ghar waale unhe maanenge?
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रात का वो हादसा

शुरुआत में ही इतना तनाव! जब पुरुष ने कहा कि उसे नशा दिया गया है, तो दिल धक से रह गया। लेकिन फिर भी उसने महिला को छेड़ा, ये गलत था। फिर भी, 'बसंत का झोंका' में दिखाया गया कि कैसे एक रात ने दोनों की जिंदगी बदल दी। बच्चे का जन्म और फिर वो झूठ... सब कुछ इतना भावुक है।

माँ का त्याग

महिला ने अपने बच्चे को बचाने के लिए कितना बड़ा झूठ बोला! 'ये मेरे मृत पति का आखिरी निशानी है' - ये लाइन सुनकर रोना आ गया। 'बसंत का झोंका' में दिखाया गया कि कैसे एक माँ अपने बच्चे के लिए सब कुछ झेल सकती है। बूढ़ी महिला का सहारा भी बहुत प्यारा लगा।

ठाकुर हवेली का राज

ठाकुर हवेली में दाई माँ की तलाश और फिर वो मुलाकात... सब कुछ इतना नाटकीय है! जब पुरुष वापस आया और महिला ने उसे देखा, तो उसकी आँखों में डर था। 'बसंत का झोंका' में दिखाया गया कि कैसे एक गलती पूरी जिंदगी बदल सकती है। अब आगे क्या होगा?

नशा और गलती

पुरुष ने कहा कि उसे नशा दिया गया था, लेकिन फिर भी उसने महिला को छेड़ा। ये गलत था, लेकिन फिर भी उसने माफी मांगी। 'बसंत का झोंका' में दिखाया गया कि कैसे एक गलती से कितनी बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है। अब जब वो वापस आया है, तो क्या वो सच जान पाएगा?

बच्चे की खातिर

महिला ने अपने बच्चे को बचाने के लिए कितना बड़ा झूठ बोला! 'ये मेरे मृत पति का आखिरी निशानी है' - ये लाइन सुनकर रोना आ गया। 'बसंत का झोंका' में दिखाया गया कि कैसे एक माँ अपने बच्चे के लिए सब कुछ झेल सकती है। बूढ़ी महिला का सहारा भी बहुत प्यारा लगा।

ठाकुर देव का बेटा

ठाकुर देव को बेटा हुआ और फिर दाई माँ की तलाश... सब कुछ इतना नाटकीय है! जब पुरुष वापस आया और महिला ने उसे देखा, तो उसकी आँखों में डर था। 'बसंत का झोंका' में दिखाया गया कि कैसे एक गलती पूरी जिंदगी बदल सकती है। अब आगे क्या होगा?

रात का राज

शुरुआत में ही इतना तनाव! जब पुरुष ने कहा कि उसे नशा दिया गया है, तो दिल धक से रह गया। लेकिन फिर भी उसने महिला को छेड़ा, ये गलत था। फिर भी, 'बसंत का झोंका' में दिखाया गया कि कैसे एक रात ने दोनों की जिंदगी बदल दी। बच्चे का जन्म और फिर वो झूठ... सब कुछ इतना भावुक है।

माँ का दर्द

महिला ने अपने बच्चे को बचाने के लिए कितना बड़ा झूठ बोला! 'ये मेरे मृत पति का आखिरी निशानी है' - ये लाइन सुनकर रोना आ गया। 'बसंत का झोंका' में दिखाया गया कि कैसे एक माँ अपने बच्चे के लिए सब कुछ झेल सकती है। बूढ़ी महिला का सहारा भी बहुत प्यारा लगा।

हवेली का सच

ठाकुर हवेली में दाई माँ की तलाश और फिर वो मुलाकात... सब कुछ इतना नाटकीय है! जब पुरुष वापस आया और महिला ने उसे देखा, तो उसकी आँखों में डर था। 'बसंत का झोंका' में दिखाया गया कि कैसे एक गलती पूरी जिंदगी बदल सकती है। अब आगे क्या होगा?

नशा और पछतावा

पुरुष ने कहा कि उसे नशा दिया गया था, लेकिन फिर भी उसने महिला को छेड़ा। ये गलत था, लेकिन फिर भी उसने माफी मांगी। 'बसंत का झोंका' में दिखाया गया कि कैसे एक गलती से कितनी बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है। अब जब वो वापस आया है, तो क्या वो सच जान पाएगा?