शुरुआत में ही इतना तनाव! जब पुरुष ने कहा कि उसे नशा दिया गया है, तो दिल धक से रह गया। लेकिन फिर भी उसने महिला को छेड़ा, ये गलत था। फिर भी, 'बसंत का झोंका' में दिखाया गया कि कैसे एक रात ने दोनों की जिंदगी बदल दी। बच्चे का जन्म और फिर वो झूठ... सब कुछ इतना भावुक है।
महिला ने अपने बच्चे को बचाने के लिए कितना बड़ा झूठ बोला! 'ये मेरे मृत पति का आखिरी निशानी है' - ये लाइन सुनकर रोना आ गया। 'बसंत का झोंका' में दिखाया गया कि कैसे एक माँ अपने बच्चे के लिए सब कुछ झेल सकती है। बूढ़ी महिला का सहारा भी बहुत प्यारा लगा।
ठाकुर हवेली में दाई माँ की तलाश और फिर वो मुलाकात... सब कुछ इतना नाटकीय है! जब पुरुष वापस आया और महिला ने उसे देखा, तो उसकी आँखों में डर था। 'बसंत का झोंका' में दिखाया गया कि कैसे एक गलती पूरी जिंदगी बदल सकती है। अब आगे क्या होगा?
पुरुष ने कहा कि उसे नशा दिया गया था, लेकिन फिर भी उसने महिला को छेड़ा। ये गलत था, लेकिन फिर भी उसने माफी मांगी। 'बसंत का झोंका' में दिखाया गया कि कैसे एक गलती से कितनी बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है। अब जब वो वापस आया है, तो क्या वो सच जान पाएगा?
महिला ने अपने बच्चे को बचाने के लिए कितना बड़ा झूठ बोला! 'ये मेरे मृत पति का आखिरी निशानी है' - ये लाइन सुनकर रोना आ गया। 'बसंत का झोंका' में दिखाया गया कि कैसे एक माँ अपने बच्चे के लिए सब कुछ झेल सकती है। बूढ़ी महिला का सहारा भी बहुत प्यारा लगा।
ठाकुर देव को बेटा हुआ और फिर दाई माँ की तलाश... सब कुछ इतना नाटकीय है! जब पुरुष वापस आया और महिला ने उसे देखा, तो उसकी आँखों में डर था। 'बसंत का झोंका' में दिखाया गया कि कैसे एक गलती पूरी जिंदगी बदल सकती है। अब आगे क्या होगा?
शुरुआत में ही इतना तनाव! जब पुरुष ने कहा कि उसे नशा दिया गया है, तो दिल धक से रह गया। लेकिन फिर भी उसने महिला को छेड़ा, ये गलत था। फिर भी, 'बसंत का झोंका' में दिखाया गया कि कैसे एक रात ने दोनों की जिंदगी बदल दी। बच्चे का जन्म और फिर वो झूठ... सब कुछ इतना भावुक है।
महिला ने अपने बच्चे को बचाने के लिए कितना बड़ा झूठ बोला! 'ये मेरे मृत पति का आखिरी निशानी है' - ये लाइन सुनकर रोना आ गया। 'बसंत का झोंका' में दिखाया गया कि कैसे एक माँ अपने बच्चे के लिए सब कुछ झेल सकती है। बूढ़ी महिला का सहारा भी बहुत प्यारा लगा।
ठाकुर हवेली में दाई माँ की तलाश और फिर वो मुलाकात... सब कुछ इतना नाटकीय है! जब पुरुष वापस आया और महिला ने उसे देखा, तो उसकी आँखों में डर था। 'बसंत का झोंका' में दिखाया गया कि कैसे एक गलती पूरी जिंदगी बदल सकती है। अब आगे क्या होगा?
पुरुष ने कहा कि उसे नशा दिया गया था, लेकिन फिर भी उसने महिला को छेड़ा। ये गलत था, लेकिन फिर भी उसने माफी मांगी। 'बसंत का झोंका' में दिखाया गया कि कैसे एक गलती से कितनी बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है। अब जब वो वापस आया है, तो क्या वो सच जान पाएगा?
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