देवर का अफेयर की शुरुआत ही इतनी तनावपूर्ण है कि सांस रुक जाए। डिनर टेबल पर पति का गुस्सा और पत्नी का शांत चेहरा देखकर लगता है कि कुछ बहुत बड़ा छिपा है। फोटो सामने आते ही माहौल बदल गया। अमीर घर की चमक के पीछे छिपा अंधेरा सच धीरे-धीरे सामने आ रहा है।
डिनर के बाद सीधा हॉस्पिटल का सीन दिल दहला देता है। डॉक्टर की बात सुनकर पति का टूटना और पत्नी का खामोश रहना बहुत गहरा असर छोड़ता है। देवर का अफेयर में हर सीन के बाद कहानी नया मोड़ लेती है। कॉरिडोर में बैठे दोनों के बीच की दूरी साफ दिख रही है।
पति का गुस्सा जायज लगता है लेकिन पत्नी की आंखों में डर नहीं, एक अजीब सी शांति है। शायद वो कुछ जानती है जो वो नहीं जानता। देवर का अफेयर के किरदार बहुत लेयर्ड हैं। हर डायलॉग के पीछे एक छिपी हुई कहानी है जो दर्शक को बांधे रखती है।
जब उसने फोन उठाया और उसकी आंखें फैल गईं, तब समझ आया कि खेल बड़ा है। सिर्फ एक कॉल ने सब बदल दिया। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन देखने का मजा ही अलग है। देवर का अफेयर की रफ्तार कभी धीमी नहीं होती, हर पल कुछ न कुछ होता रहता है।
हॉस्पिटल के कॉरिडोर में दोनों के बीच की खामोशी चीख रही है। वो बात नहीं कर रहे लेकिन उनकी बॉडी लैंग्वेज सब कह रही है। पति का सिर पकड़कर बैठ जाना और पत्नी का दूर बैठना रिश्ते की दरार दिखाता है। देवर का अफेयर में बिना बोले बहुत कुछ कह दिया गया है।
बड़ा घर, महंगे कपड़े, लेकिन चेहरों पर सुकून नहीं। देवर का अफेयर दिखाता है कि पैसा सब कुछ नहीं खरीद सकता। पति का सूट और पत्नी का स्वेटर दोनों ही तनाव में हैं। लक्जरी के बीच भी इंसान अकेला हो सकता है, ये सीन बहुत गहराई से उतारा गया है।
डॉक्टर का एंट्री और उसकी गंभीर बात ने टेंशन बढ़ा दी। लगता है बीमारी सिर्फ शरीर की नहीं, रिश्तों की भी है। देवर का अफेयर में हर किरदार का अपना वजन है। डॉक्टर चला गया लेकिन उसकी बात का असर दोनों पर साफ दिख रहा था।
पत्नी की आंखों में जो कुछ है वो शब्दों में बयां नहीं हो सकता। डर, गुस्सा, मजबूरी सब एक साथ दिख रहा है। पति की नजरें जब उस पर टिकती हैं तो लगता है जैसे वो सच जानना चाहता है। देवर का अफेयर के एक्टर्स ने बिना डायलॉग के बहुत कुछ कह दिया।
जब पति ने फोटो देखी तो उसका चेहरा बदल गया। भरोसा टूटने की आवाज साफ सुनाई दे रही थी। देवर का अफेयर में रिश्तों की नाजुकता को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। नेटशॉर्ट पर ये सीरीज देखकर रिश्तों पर नजरिया बदल जाता है।
ये सीन अंत लगता है या किसी बड़े ट्विस्ट की शुरुआत? पति का रोना और पत्नी का शांत रहना बहुत सवाल खड़े करता है। देवर का अफेयर का हर एपिसोड क्लिफहैंगर पर खत्म होता है। अगला पार्ट देखने की बेचैनी बढ़ गई है, कहानी कहां जाएगी कोई नहीं जानता।
इस एपिसोड की समीक्षा
नवीनतम