शुरुआत में शांत सूर्यास्त और फिर अचानक हमला, यह बदलाव दिल दहला देने वाला था। एडम मिलर की कमांडिंग देखकर रोंगटे खड़े हो गए। ब्लैक हॉक का उदय में ऐसे एक्शन सीन्स की उम्मीद नहीं थी। जब बेस में आग लगी तो लगा सब खत्म हो गया, लेकिन जेम्स वेन की एंट्री ने उम्मीद जगा दी।
जब जेम्स वेन मोटरसाइकिल पर सवार होकर आया, तो सीन देखते ही बनता है। उसकी आँखों में बदले की आग साफ दिख रही थी। ब्लैक हॉक का उदय का यह हिस्सा सबसे बेहतरीन था। उसने न सिर्फ दुश्मनों को हराया बल्कि अपने साथियों का मनोबल भी बढ़ाया। असली हीरो वही है।
एडम मिलर जब मलबे के नीचे दबे हुए थे, तो उनकी बेबसी देखकर दुख हुआ। एक कमांडर के लिए अपनी यूनिट को इस हाल में देखना कितना मुश्किल होता होगा। ब्लैक हॉक का उदय ने इमोशनल एंगल को भी अच्छे से दिखाया। उनकी आँखों में आंसू और चेहरे पर खून का मिश्रण बहुत प्रभावशाली था।
जब फाइटर जेट्स ने हमला किया और बेस में धमाके हुए, तो सीन बहुत भयानक लग रहा था। आग और धुएं के बीच सैनिकों का भागना देखकर सिनेमाघर में सीटियां बज गईं। ब्लैक हॉक का उदय के विजुअल्स शानदार हैं। पायलट के चेहरे पर मुस्कान देखकर लगा कि वह पागल हो गया है।
दो हफ्ते बाद का सीन जब जेम्स वेन फर्श साफ कर रहा था और डेविस ने उसे परेशान किया, तो गुस्सा आ गया। डेविस का घमंड देखकर लगा कि अब बड़ा फाइट होने वाला है। ब्लैक हॉक का उदय में यह ड्रामा जरूरी था। जेम्स की शांति और डेविस की बदतमीजी का कंट्रास्ट बहुत अच्छा था।
जेम्स वेन ने जब मशीन गन उठाई और दुश्मनों के जेट्स को नीचे गिराया, तो मजा आ गया। बुलेट्स का स्लो मोशन में उड़ना और जेट का फटना, यह सब सीजीआई कमाल का था। ब्लैक हॉक का उदय में ऐसे एक्शन सीन्स देखने को मिलते हैं जो बड़े बजट वाली फिल्मों में भी नहीं होते।
जब जेम्स वेन को दूसरे सैनिक परेशान कर रहे थे, तो लगा कि वह अकेला पड़ गया है। लेकिन उसकी आँखों में जो चमक थी, उससे लगा कि वह चुप नहीं बैठेगा। ब्लैक हॉक का उदय में दोस्ती और दुश्मनी दोनों को अच्छे से दिखाया गया है। बैरक का माहौल बहुत रियलिस्टिक लगा।
पूरा बेस जल चुका था और चारों तरफ सिर्फ मलबा था। ऐसे में जेम्स वेन का मोटरसाइकिल पर सवार होकर आना किसी हीरो की एंट्री से कम नहीं था। ब्लैक हॉक का उदय का क्लाइमेक्स बहुत धमाकेदार था। सूर्यास्त के बैकग्राउंड में वह सीन बहुत यादगार बन गया।
डेविस का किरदार बहुत चिढ़ाने वाला था। जब उसने जेम्स वेन के सामने घमंड दिखाया, तो लगा कि अब तो पिटाई होगी। ब्लैक हॉक का उदय में विलेन का किरदार निभाने वाले डेविस ने अच्छा काम किया। उसकी हरकतों से नफरत हुई, यानी एक्टिंग अच्छी थी।
जब जेम्स वेन ने आखिर में गुस्से में देखा और आग की चिंगारियां उसके चेहरे पर दिखीं, तो लगा कि अब असली खेल शुरू होगा। ब्लैक हॉक का उदय का यह अंत बहुत सस्पेंसफुल था। अब अगले पार्ट का इंतजार है कि जेम्स वेन कैसे बदला लेगा और डेविस को कैसे सबक सिखाएगा।
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