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Bad Boy Bagal Waala

Emma good girl, Zane school heartthrob. Parents shaadi se step-bhai-behen bane. Band kamron mein tension temptation mein badli, har insult ke neeche mana hua junoon. Emma “Big Four” rivalry mein phansi, twist aur misunderstandings ne unhe paas kiya. Mushkilon ke beech, yeh chhupi deewangi kahan pahunchaayegi?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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अमीर लड़के का अहंकार

कैफेटेरिया में वो लड़का जब अपने दोस्तों के साथ आया और सबके सामने अपनी रईसी दिखाई, तो सबकी नज़रें उस पर टिक गईं। लेकिन बैड बॉय बगल वाला में असली मज़ा तब आया जब उस लड़की ने उसकी चालाकियों को पकड़ लिया। उसका गुस्सा और उस लड़के की मुस्कान देखकर लग रहा था कि अब खेल शुरू होने वाला है। स्कूल की दीवारों के बीच ये जंग बहुत दिलचस्प होने वाली है।

सुशी बनाम बर्गर

खाने की थाली देखकर ही पता चल जाता है कि कौन अमीर है और कौन आम। एक तरफ महंगी सुशी और दूसरी तरफ सस्ता फास्ट फूड। बैड बॉय बगल वाला ने क्लास डिफरेंस को बहुत खूबसूरती से दिखाया है। जब उस लड़के ने उस लड़की के सामने अपना खाना रखा, तो उसकी आँखों में जो नफरत और शर्म थी, वो किसी डायलॉग से ज़्यादा बोल रही थी। ये सीन दिल को छू गया।

बाहर की मुलाकात

ईंटों की दीवार के पास वो मुलाकात किसी आम झगड़े से ज़्यादा थी। बैड बॉय बगल वाला में जब वो लड़का उस लड़की को रोकता है, तो हवा में कुछ अलग ही वोल्टेज था। उसका गुस्सा और उसकी बेबसी साफ़ दिख रही थी। लगता है ये लड़का सिर्फ परेशान करने नहीं, बल्कि उसका ध्यान खींचने के लिए ये सब कर रहा है। रोमांस और गुस्से का ये मिक्स बहुत अच्छा लगा।

आँखों का खेल

कैमरा जब उनके चेहरों के करीब जाता है, तो साँसें रुक सी जाती हैं। बैड बॉय बगल वाला के इस सीन में डायलॉग से ज़्यादा उनकी आँखें बात कर रही थीं। उस लड़की की नीली आँखों में डर था, लेकिन उस लड़के की आँखों में एक अजीब सी चमक थी। ये नज़दीकियां बता रही थीं कि इनके बीच कुछ बड़ा होने वाला है। बिना छुए भी केमिस्ट्री कैसे बनती है, ये देखने लायक था।

दोस्तों का रिएक्शन

जब वो लड़का अपने दोस्तों के साथ आया, तो सबका रिएक्शन देखने लायक था। बैड बॉय बगल वाला में बैकग्राउंड में बैठे बच्चों की हंसी और उस ब्लॉन्ड लड़की का चिढ़ा हुआ चेहरा सब कुछ बता रहा था। स्कूल में पॉपुलरिटी का ये खेल कितना ज़हरीला हो सकता है, ये सीन बहुत अच्छे से दिखाता है। सबकी नज़रें उस टेबल पर थीं जहाँ ड्रामा हो रहा था।

गुस्से में लाल चेहरा

उस लड़की का गुस्सा जब बाहर आया, तो उसका चेहरा लाल हो गया था। बैड बॉय बगल वाला में उसने जब उस लड़के को धक्का दिया, तो लगा कि अब वो चुप नहीं बैठेगी। उसकी आवाज़ में जो दर्द था, वो सिर्फ गुस्से की वजह से नहीं था। लगता है उस लड़के ने उसकी किसी पुरानी चोट को छेड़ दिया है। एक्टिंग बहुत नेचुरल और दमदार लगी।

अमीरी का घमंड

उस लड़के के चलने का अंदाज़ और बात करने का तरीका साफ़ बता रहा था कि उसे अपनी अमीरी पर कितना घमंड है। बैड बॉय बगल वाला में जब वो मुस्कुराता है, तो लगता है कि वो सब कुछ खरीद सकता है। लेकिन उस लड़की के सामने उसकी ये चालें फेल हो रही हैं। अहंकार और प्यार के बीच की ये लड़ाई देखने में बहुत मज़ेदार है।

दीवार के सहारे

ईंटों की दीवार के सहारे खड़ा वो लड़का किसी फिल्म के हीरो से कम नहीं लग रहा था। बैड बॉय बगल वाला का ये सीन बहुत सिनेमैटिक था। सूरज की रोशनी और उनकी परछाइयां उस माहौल को और भी ड्रामेटिक बना रही थीं। जब वो धीरे-धीरे उसके करीब आया, तो लगा कि समय थम गया है। ये पल किसी रोमांटिक मूवी का क्लाइमेक्स लग रहा था।

चुप्पी का शोर

कभी-कभी शब्दों से ज़्यादा खामोशी शोर मचाती है। बैड बॉय बगल वाला में जब वो दोनों एक-दूसरे को देख रहे थे और कुछ बोल नहीं रहे थे, तो उस खामोशी में हज़ारों बातें थीं। उस लड़की की सांसें तेज़ हो रही थीं और उस लड़के की नज़रें उसे जकड़ रही थीं। ये टेंशन बहुत अच्छे से क्रिएट की गई है, दर्शक भी उसी पल में जी रहा था।

स्कूल का माहौल

पूरा सीन स्कूल के कैफेटेरिया और बाहर के ग्राउंड में सेट है, जो बैड बॉय बगल वाला को एक रियलिस्टिक फील देता है। यूनिफॉर्म, बैग, और दोस्तों की टोली, सब कुछ एक टिपिकल स्कूल लाइफ जैसा है। लेकिन इसी आम माहौल में जो एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी ड्रामा हो रहा है, वो इसे खास बनाता है। सेट डिज़ाइन और लोकेशन बहुत परफेक्ट चुने गए हैं।