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Amar Sui, Anmol Dil

Amar Dwar ka head Vihaan Rajvansh pahaad se utarta hai. Uska kaam hai — apne guru ki amar sui wapas lena aur apni already-fixed shaadi karna. Par Kapoor parivaar usse dhoka dena chahta hai, aur kuch aur log bhi peeche hai. Vihaan ek ek karke sui dhundhta hai aur dushmano ko jawab deta hai. Beech mein uski mulaqat Anvi Sinha se hoti hai. Kya Vihaan apni mission complete kar paayega? Aur kya Anvi aur Vihaan ka rishta aage badh paayega?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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कोट वाले का रौब

भूरे रंग का कोट पहने व्यक्ति बहुत आत्मविश्वास के साथ चल रहा था। उसकी चाल में एक अलग ही रौब और शान थी। जब वह सामने वाले व्यक्ति से मिला, तो उसने बिना किसी डर के मुस्कुराहट दिखाई। यह दृश्य अमर सुई, अनमोल दिल का हिस्सा लगता है। अभिनय बहुत स्वाभाविक और असली लग रही है। दर्शकों को यह पसंद आएगा।

खंभे के पीछे कौन

चश्मे वाला व्यक्ति खंभे के पीछे छिपकर क्या सोच रहा था? उसकी हरकतें काफी हास्य लग रही थीं। जब वह सामने आया तो उसने युद्ध कला वाली पोज़ बनाई। परंतु कोट वाले ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। यह सीन बहुत मजेदार है। वैसे तो यह साहसिक दृश्य लगता है, पर इसमें हंसी का तत्व भी है। अमर सुई, अनमोल दिल में ऐसे मोड़ आते रहते हैं।

टकराहट का मंजर

दोनों के बीच की टकराहट देखने लायक थी। एक व्यक्ति शांत खड़ा था और दूसरा घबराया हुआ लग रहा था। वैसे तो यह साहसिक दृश्य लगता है, पर इसमें हंसी का तत्व भी है। अमर सुई, अनमोल दिल में ऐसे मोड़ आते रहते हैं। दर्शकों को यह पसंद आएगा। कैमरा कोण बहुत अच्छा था, खासकर जब कोट वाले के जूते दिखाए गए। फिर धीरे-धीरे चेहरे पर दृश्य आया।

कैमरा कार्य कमाल

कैमरा कोण बहुत अच्छा था, खासकर जब कोट वाले के जूते दिखाए गए। फिर धीरे-धीरे चेहरे पर दृश्य आया। रोशनी भी रात के समय के हिसाब से सही थी। यह शो नेटशॉर्ट अनुप्रयोग पर काफी लोकप्रिय हो सकता है। कलाकारों की मेहनत दिख रही है। जैकेट पहने व्यक्ति की आंखों में डर साफ दिख रहा था। वह बार-बार इधर-उधर देख रहा था।

डर और स्थिरता

जैकेट पहने व्यक्ति की आंखों में डर साफ दिख रहा था। वह बार-बार इधर-उधर देख रहा था। जबकि कोट वाला व्यक्ति बिल्कुल स्थिर था। यह अंतर बहुत अच्छा बनाया गया है। कहानी में आगे क्या होगा, यह जानने की उत्सुकता बढ़ रही है। संवाद नहीं सुनाई दिए, पर चेहरे के भाव सब बता रहे थे। कोट वाले की मुस्कान में एक रहस्य था।

चेहरे के भाव

संवाद नहीं सुनाई दिए, पर चेहरे के भाव सब बता रहे थे। कोट वाले की मुस्कान में एक रहस्य था। शायद वह जानता था कि सामने वाला क्या करने वाला है। अमर सुई, अनमोल दिल की कहानी में ऐसे रहस्य बनाए रखे गए हैं। यह बहुत रोचक है। रात का माहौल और स्ट्रीट लाइट्स ने सीन को नाटकीय बना दिया। खंभे के पीछे छिपना एक क्लासिक हास्य तत्व है।

रात का नाटक

रात का माहौल और स्ट्रीट लाइट्स ने सीन को नाटकीय बना दिया। खंभे के पीछे छिपना एक क्लासिक हास्य तत्व है। परंतु यहाँ यह अच्छे से फिट बैठता है। कलाकार ने अपनी शारीरिक भाषा से सब कह दिया। मुझे यह शैली बहुत पसंद आया। कोट वाले के कपड़े बहुत आकर्षक थे। धारीदार कोट और ब्रोच बहुत सूट कर रहा था।

वेशभूषा और कहानी

कोट वाले के कपड़े बहुत आकर्षक थे। धारीदार कोट और ब्रोच बहुत सूट कर रहा था। वह किसी अमीर व्यवसायी या अपराधी लग रहा था। सामने वाले की साधारण वेशभूषा के साथ यह तुलना अच्छी लगी। वेशभूषा समझ भी कहानी का हिस्सा बन गया है। जब जैकेट वाले ने हाथ आगे बढ़ाए, तो लगा वह रोकना चाहता है। परंतु कोट वाला नहीं रुका।

कौन जीतेगा

जब जैकेट वाले ने हाथ आगे बढ़ाए, तो लगा वह रोकना चाहता है। परंतु कोट वाला नहीं रुका। यह शक्ति संतुलन बहुत दिलचस्प था। कौन जीतेगा यह लड़ाई? अमर सुई, अनमोल दिल में ऐसे सवाल मन में आते हैं। अगली कड़ी देखने का मन कर रहा है। कुल मिलाकर यह सीन मनोरंजन से भरपूर था। न तो बहुत ज्यादा साहसिक और न ही बोरिंग संवाद।

बढ़िया मनोरंजन

कुल मिलाकर यह सीन मनोरंजन से भरपूर था। न तो बहुत ज्यादा साहसिक और न ही बोरिंग संवाद। बस दो पात्रों के बीच की खींचतान। नेटशॉर्ट अनुप्रयोग पर ऐसे सामग्री मिलना अच्छा है। मैं आगे की कहानी जरूर देखना चाहूंगा। बहुत बढ़िया काम। भूरे कोट वाला व्यक्ति बहुत आत्मविश्वास से चल रहा था। उसकी चाल में एक अलग ही रौब था।