जब विमान में अचानक हड़कंप मच गया, तो पायलट की आवाज़ में घबराहट साफ़ झलक रही थी। तीस साल जमी, आपात बचाव जैसे ड्रामे में भी इतना तनाव नहीं होता! एयर होस्टेस की आँखों में डर और यात्रियों की बेचैनी ने माहौल को और भी गंभीर बना दिया। कैप्टन का निर्देश देना और फिर खुद ही घबराना—ये कॉन्ट्रास्ट दिलचस्प था। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन देखकर लगता है जैसे खुद उस फ्लाइट में बैठे हों।