पहले दृश्य में अंधेरी जेल और बाद में रंगीन महल का विरोधाभास बहुत शानदार था। लड़की का पीले लिबास से नीले लिबास में बदलना उसके जीवन के बदलाव को दर्शाता है। नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी की तरह ही, वह भी एक नई शुरुआत कर रही थी। चाय पीते हुए परिवार का दृश्य बहुत सुकून भरा था, लेकिन राजकुमार की गैरमौजूदगी में एक उदासी भी थी।
जब माँ ने लड़की को गले लगाया और पिता ने गुस्से में चाय का कप फेंका, तो परिवार के अंदर के तनाव का पता चला। नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी के बीच, यह परिवार भी अपने संघर्ष से जूझ रहा था। लड़की की मुस्कान में एक मासूमियत थी जो सबका दिल जीत लेती थी। राजकुमार का चुपचाप खड़ा होना उसके अंदर के द्वंद्व को दिखा रहा था।
सिपाही का काला कवच और तलवार उसकी वफादारी को दर्शाती थी। जब वह राजकुमार के पीछे खड़ा था, तो ऐसा लगा जैसे वह उसकी हर बात का साथ देगा। नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी के बीच, वह भी एक सच्चा योद्धा था। उसकी आंखों में एक दृढ़ संकल्प था जो उसे खास बनाता था। जब वह महल से बाहर निकला, तो उसकी चाल में एक गर्व था।
लड़की की आंखों में एक मासूमियत थी जो सबका दिल जीत लेती थी। जब वह राजकुमार से मिली, तो उसकी मुस्कान में एक उम्मीद थी। नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी के बीच, वह भी एक नई शुरुआत कर रही थी। उसका नीला लिबास और सुनहरे गहने उसकी खूबसूरती को बढ़ा रहे थे। जब वह परिवार के साथ चाय पी रही थी, तो उसकी खुशी देखने लायक थी।
महल के अंदर की रौनक और बाहर की शांति का विरोधाभास बहुत शानदार था। जब लड़की महल से बाहर निकली, तो उसकी चाल में एक गर्व था। नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी के बीच, वह भी एक नई शुरुआत कर रही थी। घोड़े और रथ का दृश्य बहुत शानदार था। राजकुमार का चुपचाप खड़ा होना उसके अंदर के द्वंद्व को दिखा रहा था।