शादी की लाल पालकी में बैठी दुल्हन के हाथ से गिरती सुई सिर्फ एक संयोग नहीं, बल्कि एक खतरनाक इशारा लगता है। पत्थर पर गिरती वह सुई भविष्य की किसी बड़ी दुर्घटना की ओर इशारा कर रही है। नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी के प्लॉट में यह छोटा सा डिटेिल बहुत गहरा असर छोड़ता है। दुल्हन के चेहरे पर उदासी साफ झलक रही है।
बर्फबारी वाले उस दृश्य में जब युवक ने अपनी तलवार उस महिला की गर्दन पर रखी, तो रोंगटे खड़े हो गए। आंखों पर पट्टी बांधी वह महिला चीख रही थी, लेकिन युवक के चेहरे पर कोई रहम नहीं था। नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी की यह कहानी दर्शकों को भावनात्मक रूप से तोड़ देती है। यह दृश्य दिल दहला देने वाला था और बहुत यादगार बना रहेगा।
काले रंग के कपड़े पहने वह युवक किसी राजकुमार से कम नहीं लग रहा। उसके कंधों पर बनी नक्काशी और सिर का ताज उसकी हैसियत बता रहे हैं। नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी में उसका किरदार बहुत रहस्यमयी है। जब वह गुस्से में मुट्ठी भींचता है, तो लगता है कि वह किसी बड़े बदले की योजना बना रहा है। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक है।
गुलाबी साड़ी पहने वह लड़की जब रोती है, तो दिल पसीज जाता है। उसकी आंखों में आंसू और चेहरे पर मासूमियत किसी को भी रुला सकती है। नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी के इस हिस्से में भावनाओं का जो सैलाब आया है, वह लाजवाब है। वह लड़की शायद किसी बड़े षड्यंत्र का शिकार हुई है, उसका दर्द साफ दिखाई दे रहा है।
बुजुर्ग सम्राट के चेहरे के भाव पढ़ना बहुत मुश्किल है। वह कभी गुस्से में लगते हैं तो कभी बेहद शांत। नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी में उनका किरदार सबसे ज्यादा शक्तिशाली लगता है। जब वे युवक से बात करते हैं, तो उनकी आवाज में एक अजीब सा अधिकार होता है। वे अपने बेटे को सबक सिखाना चाहते हैं या फिर कुछ और? यह जानना जरूरी है।