उस सैनिक ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन शायद वह जानबूझकर उसे मौका दे रहा था? नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी में हर किरदार के इरादे धुंधले हैं। जब वह लड़की चाकू लेकर खड़ी हुई, तो लगा जैसे वह अपनी किस्मत खुद लिखने वाली हो।
दोनों लड़कियां लाल पोशाक में थीं, लेकिन एक की आंखों में आंसू थे तो दूसरी की मुस्कान में जहर। नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी का यह दृश्य बताता है कि कैसे एक ही रंग दो अलग-अलग कहानियां कह सकता है। चाकू गिरते ही सब बदल गया।
जेल की खिड़की से आती रोशनी ने उस लड़की के चेहरे पर एक अजीब सी चमक डाल दी। नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी में यह दृश्य बताता है कि कैसे अंधेरे में भी सच चमक उठता है। जब उसने चाकू उठाया, तो लगा जैसे वह अपनी किस्मत काटने वाली हो।
जब वह चाकू जमीन पर गिरा, तो लगा जैसे किसी का दिल टूट गया हो। नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी में यह पल सबसे दर्दनाक था। उस लड़की की आंखों में अब डर नहीं, बल्कि एक अजीब सी शांति थी। शायद वह जानती थी कि अब सब खत्म हो गया है।
वह लाल पोशाक पहने राजकुमार जब उस लड़की के पास आया, तो लगा जैसे कोई कहानी शुरू हो रही हो। लेकिन नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी में हर कहानी का अंत दुखद होता है। उसकी आंखों में चिंता थी, लेकिन शायद वह कुछ छिपा रहा था।